चीन से चौंकाने वाली ख़बरें आई हैं. वह भी एक नहीं बल्कि दो-दो. इनमें पहली ख़बर तो ये है कि संभवत: पहली बार चीन ने पूरे जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा मानने के संकेत दिए हैं. वहीं दूसरी यह कि चीन ने अपनी महात्वाकांक्षी बीआरआई (बॉर्डर रोड इनीशिएटिव) परियोजना में भारत को भागीदार के तौर पर प्रदर्शित किया है.

द इकॉनॉमिक टाइम्स के मुताबिक बीजिंग में दूसरा तीन दिवसीय बीआरआई सम्मेलन शुरू हुआ है. इस दौरान गुरुवार को चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने सम्मेलन में भाग ले रहे प्रतिनिधियों के सामने परियोजना का जो नक्शा पेश किया वह चौंकाने वाला था. क्योंकि इस नक्शे में पूरे जम्मू-कश्मीर ही नहीं बल्कि अरुणाचल प्रदेश को भी भारत का हिस्सा बताया गया है. जबकि जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्से पर पाकिस्तान का कब्ज़ा है. उसे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) कहा जाता है. वहीं अरुणाचल प्रदेश के एक हिस्से (विशेष रूप से तवांग और उससे लगे इलाके) पर ख़ुद चीन अब तक अपनी दावेदारी जताता रहा है. वह इसे ‘दक्षिणी तिब्बत’ कहता है.

चीन ने इस सम्मेलन के दौरान भारत को भी बीआरआई में भागीदार के तौर पर प्रदर्शित किया है. जबकि भारत ने लगातार चीन की बीआरआई परियोजना का विरोध किया है. इससे जुड़े दोनों सम्मेलनों का बहिष्कार भी किया है. सूत्रों के मुताबिक चीन के आधिकारिक मानचित्रों पर इस तरह की प्रविष्टि, वह भी इतने अहम सम्मेलन के मौके पर, ग़लती से नहीं हो सकती. लिहाज़ा विशेषज्ञ अब यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या वास्तव में चीन ने भारत को ख़ुश करने के लिए यह क़दम उठाया है. ताकि वह उसकी बीआरआई परियोजना का साझीदार बन जाए. क्योंकि चीन की इस कोशिश का दूसरा पहलू पाकिस्तान की नाराज़गी से भी जुड़ता है.

ग़ाैरतलब है कि चीन ने अपनी बीआरआई परियोजना के तहत दुनिया के कई देशों को सड़क और रेल मार्ग से जोड़ने का मंसूबा बांधा हुआ है. चीन और पाकिस्तान के बीच बन रहा आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) भी इसी परियोजना का हिस्सा है. लेकिन भारत बीआरआई के साथ-साथ सीपीईसी का भी विरोध कर रहा है. क्योंकि ये दोनों ही परियोजनाओं उन क्षेत्रों से गुजर रही हैं, जिन्हें भारत अपना भौगोलिक हिस्सा मानता है. इसीलिए इन परियोजनाओं, ख़ास तौर पर बीआरआई को अपने प्रभाव क्षेत्रों में चीन की दख़लंदाज़ी मानते हुए भारत ने अब तक इससे दूरी बना रखी है. और भारत के असहयोग से चीन का मंसूबा पूरा होने में भी बाधा आ रही है.