आसाराम बापू की तरह उसका बेटा नारायण साईं भी बलात्कार का दोषी ठहरा दिया गया है. गुजरात के सूरत की एक अदालत ने शुक्रवार को नारायण साईं के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों को सही पाया. अदालत उसकी सजा का ऐलान 30 अप्रैल को करेगी.

ख़बरों के मुताबिक नारायण साईं और उसके पिता आसाराम बापू पर सूरत की दो सगी बहनों ने अक्टूबर-2013 में बलात्कार के आरोप लगाए थे. इनमें से छोटी बहन का आरोप था कि वह 2002 से 2005 तक सूरत में ही स्थित आसाराम के आश्रम में रही थी. इस दौरान नारायण साईं ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया. जबकि बड़ी बहन के मुताबिक वह 1997 से 2006 तक आसाराम के अहमदाबाद स्थित आश्रम में रही और इस दौरान उसके साथ आसाराम ने बार-बार बलात्कार किया.

पीड़ित बहनों द्वारा इस मामले में प्राथमिकी दर्ज़ कराए जाने के बाद नारायण साईं को दिसंबर-2013 में हरियाणा के कुरुक्षेत्र से ग़िरफ़्तार किया गया था. इसी मामले में नारायण साईं के चार सहयोगियों को भी पुलिस ने ग़िरफ़्तार किया था. नारायण साईं के वकील कल्पेश देसाई के मुताबिक, ‘अभियोजन पक्ष ने 35 लोगों के ख़िलाफ़ दो आरोप पत्र दायर किए थे. उनकी ओर से 53 ग़वाह और दस्तावेज़ी सबूत वग़ैरह पेश किए. बचाव पक्ष ने भी अदालत में 14 ग़वाह पेश किए.’

आसाराम बापू इस वक़्त जोधपुर, राजस्थान की जेल में है. उसे अपने आश्रम की एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के मामले में अगस्त-2013 में ग़िरफ़्तार किया गया था. इस मामले में उसे उम्र कैद की सजा हुई है.