अमेरिका से पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है. अमेरिकी प्रशासन ने शुक्रवार को पाकिस्तान पर ‘प्रतिबंध’ लगा दिए. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि पाकिस्तान ने अपने उन नागरिकों को वापस लेने से इंकार कर दिया था जिन्हें अमेरिका वापस भेजना चाहता है. ये वे लोग हैं जो वीज़ा अवधि ख़त्म होने के बाद भी अमेरिका में रह रहे हैं. या फिर अवैध वीज़ा दस्तावेज़ के सहारे अमेरिका पहुंचे हैं.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में बताया कि पाकिस्तान पर प्रतिबंधों के बाबत 22 अप्रैल को अधिसूचना जारी हुई है. इसके चलते पाकिस्तानी नागरिकों के वीज़ा रोके जा सकते हैं. शुरूआती स्तर पर अमेरिका में मौज़ूद पाकिस्तानी अफ़सराें के वीज़ा रोके जाने की कार्रवाई भी संभव है. ख़बरों के मुताबिक अमेरिकी ने घाना के ख़िलाफ़ भी ऐसी ही कार्रवाई की है.

इससे पहले अमेरिका ने 2001 में गयाना, 2016 में गांबिया, 2017 में कोलंबिया, इरिट्रिया, गिनी, सिएरा लियोन और 2018 में म्यांमार तथा लाओस पर इसी तरह की प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी. यानी कुल 10 देश इस सूची में शामिल हो चुके हैं. हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इन प्रतिबंधों का स्तर दोनों देशों के राजनयिक संबंधों पर नहीं पड़ेगा.

फिर भी अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रहे हुसैन हक़्क़ानी की मानें तो इस प्रतिबंध से पाकिस्तानी नागरिकाें को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान के जो लोग अमेरिका में रहना चाहते हैं या अमेरिकी यात्रा करना चाहते हैं उनके लिए निश्चित तौर पर मुश्किल होने वाली है. पाकिस्तान सरकार चाहती तो इस स्थिति से बचा जा सकता था.’