‘अगर केंद्र में कांग्रेस की सरकार आई तो एक राष्ट्रीय चुनाव कोष बनाया जाएगा.’  

— आनंद शर्मा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

आनंद शर्मा ने यह बात मध्य प्रदेश के भोपाल में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘इस कदम से लोकतंत्र में पैसों का प्रभाव कम होगा और पारदर्शिता बढेगी.’ इसके साथ ही चुनाव में खर्च का आंकड़ा रखने वाली एक संस्था के हवाले से उन्होंने यह भी कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2014 के चुनाव में पांच से छह अरब डॉलर का खर्च किया था. इस चुनाव में भी यह पार्टी 15 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है. इसके साथ ही सवालिया लहजे में आनंद शर्मा का यह भी कहा कि आखिर भाजपा के पास यह पैसा कहां से आया है.

‘नरेंद्र मोदी के खिलाफ कार्रवाई न करके चुनाव आयोग देश को कमजोर कर रहा है.’  

— पी चिदंबरम, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

पी चिदंबरम ने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘लोकसभा के इस चुनाव में भाजपा की तरफ से आदर्श चुनाव आचार संहिता का खुलकर उल्लंघन किया जा रहा है. उनकी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर एक रैली पर करीब दस करोड़ रुपये का खर्च कर रही है. लेकिन ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग इस पर कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता.’ इसके साथ ही पी चिदंबरम ने चुनाव आयोग के इस रुख को ‘भेदभाव’ करने वाला भी बताया है.


  ‘जात-पात जपना और जनता का माल अपना, यही सपा-बसपा के चुनावी गठबंधन का मूल मंत्र है.’  

— नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात उत्तर प्रदेश के हरदोई में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘आज बहनजी (बसपा अध्यक्ष मायावती) बाबा साहेब आंबेडकर के नाम पर उन लोगों के लिए वोट मांग रही हैं जिन्होंने आंबेडकर का विरोध किया था.’ इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने यह भी कहा, ‘ऐसा तब होता है जब कुर्सी हासिल करना आपका एकमात्र उद्देश्य होता है. ऐसा तब भी होता है जब आपकी राजनीति का आधार जात-पात हो और आपको देश की कोई चिंता न हो.’


‘अगर प्रधानमंत्री को लगता है कि कश्मीर खतरे में है तो फिर वे इस खतरे को छोड़ क्यों नहीं देते.’  

— महबूबा मुफ्ती, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री

महबूबा मुफ्ती ने यह बात कश्मीर में पत्रकारों के साथ अनुच्छेद 370 को लेकर बातचीत करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद जब राज्य के मुख्यमंंत्री थे तो उन्होंने अमरनाथ श्राइन बोर्ड को हजारों कनाल जमीन देकर इस अनुच्छेद को कमजोर किया था.’ इसके साथ ही महबूबा मुफ्ती का यह भी कहना था कि जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) की वजह से वजीर-ए-आजम (प्रधानमंत्री) और सदर-ए-रियासत (राष्ट्रपति) के पद खत्म हुए थे.


‘लोकसभा चुनाव के बाद हम भारत के साथ ‘सभ्य’ संबंधों की उम्मीद करते हैं.’  

— इमरान खान, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री

इमरान खान ने यह बात चीन में एक समाचार एजेंसी के साथ बातचीत करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि वे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता कायम करने की दिशा में भी प्रयास कर रहे हैं. लेकिन इसे सुनिश्चित कर पाने में ‘भारत-पाकिस्तान’ के आपसी रिश्ते ‘एकमात्र समस्या’ बन रहे हैं.