सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के सॉफ्टवेयर में खराबी की वजह से रविवार को भी उड़ाने प्रभावित रहीं. इस वजह से 137 उड़ाने तय वक्त से औसतन करीब तीन घंटे की देरी से उड़ीं. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इससे पहले शनिवार को तकनीकी दिक्कत आ गई थी. इस वजह से करीब छह घंटे तक चेक-इन प्रक्रिया ठप हो गई थी. बताया जाता है कि बड़ी संख्या में उड़ान प्रभावित होने से कंपनी को कनेक्टिक फ्लाइट और केबिन क्रू की व्यवस्था करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. एयर इंडिया समूह रोजाना करीब 674 उड़ानों का परिचालन करता है. इस समूह में उसकी सहायक कंपनियां अलायंस एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी शामिल हैं.

इंडोनेशिया : एक दिन में चुनाव संपन्न कराने की वजह से 272 कर्मियों की मौत, 1878 बीमार

इंडोनेशिया में एक दिन में दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव संपन्न कराने का रिकॉर्ड मतदान कर्मियों पर भारी पड़ा है. अमर उजाला की खबर के मुताबिक इसकी वजह से 272 कर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. वहीं, 1878 अभी भी बीमार हैं. इसकी वजह दबावपूर्ण चुनावी प्रक्रिया की वजह से हुई थकान को माना जा रहा है. इंडोनेशिया में बीती 17 अप्रैल को राष्ट्रपति चुनाव के साथ ही संसदीय और क्षेत्रीय चुनावों को भी संपन्न कराया गया था. इसके लिए आठ लाख से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए थे. साथ ही, मतदाताओं को पांच बैलेट पेपर पर मुहर लगानी थी. कहा जा रहा है कि यह प्रक्रिया उन कर्मियों के लिए अधिक जानलेवा साबित हुई जिन्हें हाथों से बैलेट की गिनती करनी पड़ी. वहीं, राष्ट्रपति पद के लिए विपक्षी उम्मीदवार प्रबोवो सुबिआंतो के एक प्रतिनिधि ने चुनाव आयोग पर काम के प्रबंधन को लेकर विफल होने का आरोप लगाया है. उधर, आयोग ने इससे इनकार किया है.

बीते साल ट्रेनों में चोरी के रिकॉर्ड 36,584 मामले दर्ज

भारतीय रेलवे द्वारा सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताए जाने के बाद भी ट्रेनों में चोरियां रुक नहीं रही हैं. नवभारत टाइम्स ने रेल मंत्रालय के हवाले से कहा है कि साल 2018 में चोरी के 36,584 मामले दर्ज किए गए. यह आंकड़ा पिछले दस वर्षों की अवधि के दौरान किसी एक वर्ष में सबसे अधिक है. इससे पहले साल 2017 में चोरी के 33,044 मामले सामने आए थे. वहीं, पिछले 10 वर्षों में रेलयात्रियों ने चोरी के 1.71 लाख मामले दर्ज कराए हैं. इन आंकड़ों के आधार पर माना जा रहा है कि तमाम दावों के बावजूद रेलवे अपने यात्रियों के सामान की सुरक्षा करने की पुख्ता व्यवस्था नहीं कर पाया है.

अब तक प्री-मानसून में 27 फीसदी की कमी, आगे सुधार की उम्मीद नहीं

देश में इस साल सामान्य बारिश के अनुमान के बीच प्री-मानसून कम रहा है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक मार्च और अप्रैल में मानसून से पहले होने वाली बारिश में 27 फीसदी की कमी दर्ज की गई है. वहीं, देश के उत्तर-पश्चिम में 38 फीसदी कम बारिश हुई. इनके अलावा उत्तर-पूर्व में यह आंकड़ा 23 फीसदी और दक्षिण में 31 फीसदी रहा है. मौसम विभाग की मानें तो इन दो महीनों में पूरे देश में 59 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 43 मिलीमीटर बारिश हुई. विभाग का अनुमान है कि मई में भी प्री-मानसून में कमी बरकरार रहने की संभावना है. बताया जाता है कि मानसून से पहले बारिश में कमी का सर्वाधिक असर जल स्रोतों पर पड़ता है. साथ ही, गन्ना समेत कई फसलों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव दिखता है.

गौतम गंभीर ने दो वोटर आईडी कार्ड रखने का आरोप खारिज किया

पूर्वी दिल्ली से भाजपा के उम्मीदवार गौतम गंभीर ने वोटर आईडी कार्ड को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के आरोप को खारिज किया है. द हिंदू में प्रकाशित खबर के मुताबिक रविवार को उन्होंने कहा कि उनके पास केवल एक मतदाता पहचान पत्र राजेंद्र नगर से है. गौतम गंभीर ने कहा, ‘मैं बचपन में अपने नाना-नानी के पास करोलबाग में रहता था. लेकिन, मैंने वहां से न तो कभी वोट डाला और न ही वोटर कार्ड के लिए अप्लाई किया.’ भाजपा प्रत्याशी ने आगे कहा कि ‘आप’ उन पर बेबुनियाद आरोप इसलिए लगा रही है क्योंकि, उसके पास लोगों के लिए कोई विजन नहीं है. इससे पहले इस सीट से ‘आप’ उम्मीदवार आतिशी मार्लेना ने गौतम गंभीर पर दो जगहों के मतदाता पहचान पत्र रखने का आरोप लगाया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी भी जातिवादी राजनीति नहीं की : अरुण जेटली

वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण जेटली ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी भी जातिवादी राजनीति नहीं की है. द एशियन एज के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री की जाति की क्या अहमियत है? उन्होंने कभी जातिवादी राजनीति नहीं की है. उन्होंने हमेशा विकासवादी राजनीति की है. वे राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं.’ हालांकि, इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के कन्नौज की एक जनसभा में कहा था, ‘मायावती जी, मैं बहुत पिछड़ा हूं. मैं दोनों हाथ जोड़कर कहता हूं कि मुझे जातिवादी राजनीति में न घसीटे. 130 करोड़ लोग मेरे परिवार हैं. जब तक मेरे विरोधियों ने मुझे नीच कहना शुरू नहीं किया था तब तक देश को मेरी जाति की जानकारी नहीं थी.’ इससे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा था कि नरेंद्र मोदी पहले ऊंची जाति के थे, बाद में पिछड़ी जाति के बने. वहीं, राजद नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को ट्वीट कर कहा, ‘(नरेंद्र मोदी) अपने आप को दलित भी बता चुके हैं. कुछ भी कहे लेकिन सच्चाई यह है कि वो जन्मजात अगड़े हैं और कागजी पिछड़े हैं. वोट लेने के लिए वे क्या-क्या बोलते हैं?’