तेलंगाना में 12वीं की परीक्षा में 33 प्रतिशत छात्र-छात्राओं के फेल होने के बाद से राज्य भर से छात्र आत्महत्या की कई घटनाएं सामने आई हैं. बीते दस दिनों में 25 छात्रों ने अपनी जान दे दी है. इस बीच परीक्षा परिणाम में हुई भारी गड़बड़ी का एक उदाहरण सामने आया है. एनडीटीवी की खबर के मुताबिक एक छात्र को तेलुगू भाषा की परीक्षा में शून्य अंक दिए गए थे. जब उसकी कॉपी की दोबारा गणना की गई तो छात्र को 99 अंक मिले.

बता दें कि एक निजी कंपनी ने तेलंगाना के 9.7 लाख छात्रों की परीक्षा आयोजित करवाई थी. परिणाम सामने आने पर पता चला कि इनमें से 3.28 लाख यानी 33 प्रतिशत छात्र फेल हो गए हैं. लेकिन बाद में परिणामों में हैरान कर देने वाली गड़बड़ियां सामने आईं. उधर, छात्रों के आत्महत्या करने की वजह से तेलंगाना में हंगामा बरपा है. राज्य में भाजपा इकाई के प्रमुख के लक्ष्मण इस कथित घोटाले की न्यायिक जांच की मांग लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं. अन्य दलों ने भी मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव पर आरोप लगाया है कि उन्होंने सब कुछ देखकर भी आंखें मूंदी हुई हैं.

इस पूरे प्रकरण में जो कंपनी आरोपों में घिरी है, उसका नाम ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड है. केसीआर सरकार ने परीक्षा में तकनीकी सपोर्ट के लिए उसे कॉन्ट्रैक्ट दिया था. लेकिन कंपनी टेंडर के तहत कई कसौटियों पर खरी नहीं उतरी. इनमें परीक्षा परिणाम संभालने के अनुभव जैसे मानदंड शामिल थे. कई जानकारों का कहना है कि कंपनी को इतने बड़े स्तर पर परीक्षा आयोजित करने का कोई अनुभव नहीं था. उधर, इस सारे हंगामे के बीच केसीआर ने घोषणा की है कि वे फेल हुए सभी छात्रों की कॉपियों की मुफ्त में दोबारा गणना कराएंगे.