सोमवार को भारतीय सेना की तरफ से एक ट्वीट करके जानकारी दी गई थी कि उसके एक दल को हिमालयी क्षेत्र में ‘हिममानव’ या ‘येति’ के पदचिह्न मिले हैं. पूरी दुनिया में अभी तक ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है जिससे साबित किया जा सके कि हिमालयीन क्षेत्रों या दूसरे बर्फीले क्षेत्रों में ‘हिममानव’ जैसी कोई प्रजाति पाई जाती है. यही वजह है कि सेना के इस दावे पर सोशल मीडिया में भी बहस छिड़ी हुई है और उस पर सवाल उठाए जा रहे हैं. वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण स्वामी ने ट्वीट किया है, ‘यह बहुत ही शर्मिंदा करने वाली बात है… भारतीय सेना में जो कोई भी प्रचार का जिम्मा संभालता है, उसने (यह ट्वीट करके) भारत में ही नहीं पूरी दुनिया में इस संस्थान का नाम खराब किया है.’

इस बहस से इतर सेना के इस दावे को देश के चुनावी माहौल से जोड़ते हुए यहां खूब मजेदार प्रतिक्रियाएं भी आई हैं. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भाजपा पर चुटकी ली है, ‘भाजपा सोच रही होगी कि अब कैसे इस खबर को चुनाव प्रचार में इस्तेमाल किया जाए.’

‘येति’एक ऐसा मिथकीय किरदार है जिसे एक बड़ा तबका सम्मान की नजर से देखता है. इसी हवाले से भाजपा सांसद तरुण विजय का एक ट्वीट भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है. भारतीय सेना के ट्वीट में येति के लिए ‘बीस्ट’ (भयानक दिखने वाला विशाल जानवर) शब्द का इस्तेमाल किया गया था. इस पर भाजपा सांसद का ट्वीट है कि ‘येति’ को बीस्ट नहीं कहा जाना चाहिए और इनके प्रति ‘सम्मान’ दिखाना चाहिए. इस पर भी कई दिलचस्प प्रतिक्रियाएं आई हैं. एक यूजर ने लिखा है, ‘चौकीदार येति कहना ज्यादा बेहतर है... इससे मोदी जी भी खुश हो जाएंगे.’

सोशल मीडिया में भारतीय सेना की तरफ से किए गए इस दावे पर आई कुछ और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं :

काजोल श्रीनिवासन | @LOLrakshak

वृह्न्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) को मुंबई में भी येति के पैरों के निशान मिले हैं :

केतन | facebook

70 सालों में ऐसा नहीं हुआ था. अब हुआ. मोदी जी की मुहिम का असर. वोट देने निकला हिममानव येति.

मेघनाद | @Memeghnad

अगर आप भारतीय सेना के ‘येति’ से जुड़े दावे पर सवाल उठाएं, क्या तब भी देशद्रोही कहलाएंगे?

सलिल त्रिपाठी | @saliltripathi

आधिकारिक सूत्रों से इस बात की पुष्टि की जाती है कि येति का नाम ‘अच्छे दिन’ था. उसे चाय और पकौड़े पसंद थे और वो चाहता था कि भारतीय सीमाओं पर चौकीदारी करे.

देशभक्त | @akashbanerjee

मैं इंतजार कर रहा हूं कि कब प्रधानमंत्री देश को संबोधित करेंगे और विस्तार से बताएंगे कि सेना ने येति को कैसे ढूंढ़ा... वो काम जो कांग्रेस 70 साल में नहीं कर पाई.

जॉय | @Joydas

भारतीय सेना ने ‘येति’ के पदचिह्न मिलने का दावा किया है. इससे पहले कि सेना खुद को और भुलावे में रखे कोई उसे बताए कि येति ‘अच्छे दिन’ की तरह है. सिर्फ मूर्ख लोग ही उसके अस्तित्व को मानते हैं.

ऐसी तैसी डेमोक्रेसी | @AisiTaisiDemo

अब तो येति भी मिल गया, पर विकास नहीं मिला.