सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली महिला ने इस मामले में की जा रही ‘आतंरिक जांच’ का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. शिकायतकर्ता ने इस फैसले के पीछे कुछ ‘गंभीर आशंकाएं’ जताई हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं समझती कि जांच करने वाली इस समिति से मुझे न्याय मिल सकेगा.’ पीड़िता ने आगे बताया कि आंतरिक जांच को लेकर उसने सुप्रीम कोर्ट से बाहर के न्यायाधीशों को नियुक्त करने की मांग की थी. हालांकि, जांच की जिम्मेदारी उन न्यायाधीशों दी गई जो मुख्य न्यायाधीश के अधीनस्थ काम कर रहे हैं.

ओडिशा : कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से पांच की मौत

ओडिशा के भद्रक जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई. साथ ही, 28 को बीमार बताया जा रहा है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक बीती 29 अप्रैल को राज्य की सभी लोकसभा और विधानसभा सीटों के लिए मतदान खत्म होने बाद यह घटना हुई. स्थानीय लोगों का कहना है कि पीड़ितों ने बीते सोमवार को मतदान से पहले राजनीतिक दलों के पैसे से शराब खरीदी थी. वहीं, पुलिस ने कहा है कि इस घटना की छानबीन की जा रही है. दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने भी इस मामले की जांच करने की बात कही है.

सुप्रीम कोर्ट ने सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में दोषी साबित 15 लोगों को बरी किया

सुप्रीम कोर्ट ने साल 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में दोषी साबित 15 लोगों को बरी कर दिया. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इनके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं था. साथ ही, प्रत्यक्षदर्शियों ने भी सीधे तौर पर आरोपितों की पहचान नहीं की थी. इससे पहले दिल्ली स्थित एक निचली अदालत ने साल 1996 में इस मामले में 107 लोगों को दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल की सजा सुनाई थी. इसके बाद इनमें से 89 ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की थी. 2018 में हाई कोर्ट ने इनमें से 70 लोगों की सजा बरकरार रखी थी. फिर इनमें से 15 ने सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी. इन पर नवंबर, 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद त्रिलोकपुरी में 95 लोगों की जान लेने का आरोप था.

दहेज प्रताड़ना की शिकायत विवाहिता के पिता भी कर सकते हैं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में साफ किया है कि विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने की शिकायत उसके पिता भी कर सकते हैं. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक शीर्ष अदालत ने कहा, ‘आईपीसी की धारा-498(ए) में यह कहीं नहीं लिखा है कि यह शिकायत उस महिला द्वारा ही की जाएगी, जिसे उसके पति या फिर रिश्तेदारों ने दहेज प्रताड़ित किया है.’ यह कहते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित मामले में पति की याचिका खारिज कर दी.

त्रिपुरा : लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप में पांच चुनाव कर्मी निलंबित

उत्तर त्रिपुरा के पांच चुनाव कर्मियों को अपने काम में लापरवाही करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से दो पर अपनी रिपोर्ट में मतदान बाधित होने का जिक्र न करने का जिम्मेदार पाया गया है. वहीं, इनके अलावा बाकी तीन को पोलिंग बूथ कैप्चरिंग को बढ़ावा देने का आरोपित पाया गया है. इन सभी के निलंबन के आदेश में कहा गया है कि इन सभी को ऐसी गतिविधियों में मदद करते हुए पाया गया जिनसे किसी एक खास उम्मीदवार की जीत की संभावना बढ़ती है.

यदि मैं वाराणसी से लड़ती तो पूर्वी उत्तर प्रदेश के पार्टी उम्मीदवारों को निराशा होती : प्रियंका गांधी वाड्रा

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने वाराणसी से बतौर उम्मीदवार न उतरने के फैसले का बचाव किया है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक प्रियंका ने कहा कि उन्होंने पार्टी के फैसले का पालन किया है. उन्होंने कहा, ‘मैंने वरिष्ठ नेताओं और उत्तर प्रदेश में अपने सहकर्मियों से सलाह ली थी. उन्हें यह महसूस हुआ कि मुझ पर 41 सीटों की जिम्मेदारी है और सभी उम्मीदवार अपने क्षेत्रों में मेरा इंतजार कर रहे हैं. प्रत्याशियों को निराशा होती यदि मैं केवल एक जगह पर ध्यान देती.’ पूर्वी उत्तर प्रदेश की चुनाव प्रभारी ने साफ किया कि उनके वाराणसी से न लड़ने पर कोई गलत संकेत नहीं जा रहे हैं. उन्होंने पार्टी के इस फैसले पर खुशी भी जाहिर की.