हैदराबाद में ऐतिहासिक पुरातात्विक महत्व की इमारत चारमीनार का एक हिस्सा बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गया. इसकी जानकारी मिलते ही मामले की जांच का आदेश दे दिया गया है.

ख़बरों की मानें तो चारमीनार की दक्षिण-पश्चिम की मीनार का हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गिर गया. यह घटना बुधवार देर रात हुई. चारमीनार इलाके की यातायात पुलिस के सहायक आयुक्त (एसीपी) जी नागन्ना ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया, ‘हाल ही में नवीनीकृत (रिनोवेट) मीनार का एक हिस्सा टूटकर गिरा है. हमने इस बारे में एएसआई (भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण) को सूचना दे दी है.’ बताया जाता है कि इस घटना के बाद पर्यटकों में चिंता की लहर है. क्योंकि चारमीनार पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है.

ग़ौरतलब है कि चूहों से फैलने वाली जानलेवा महामारी प्लेग के ख़ात्मे को यादग़ार बनाने के लिए 1591 में हैदराबाद में चारमीनार का निर्माण कराया गया था. हालांकि बीते कुछ सालों में इस इमारत में कई जगह दरारें आदि देखी जाने लगीं. इसका रंग धुंधला होने लगा. इस पर धब्बे आदि नज़र आने लगे. तब इन हालात में सरकारी संस्थाओं पर इसकी उपेक्षा के आरोप भी लगे. अलबत्ता अभी कुछ महीनों पहले एएसआई ने चारमीनार के पुनरोद्धार का काम शुरू किया है. इसी दौरान यह घटना हुई.