‘फानी’ लगातार भारतीय समुद्र तटों की तरफ बढ़ रहा है. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) का अनुमान है कि यह तूफान गुरुवार शाम 5.30 के आसपास ओडिशा के समुद्र तट से टकरा सकता है.

आईएमडी की चेतावनी के मद्देनज़र ओडिशा और आंध्र प्रदेश की सरकारें ऐहतियाती क़दमों के तहत तटीय इलाकों को ख़ाली करा रही हैं. वहां से लोगों को हटाकर शिविरों में भेजा जा रहा है. तटीय इलाकों से लगभग आठ लाख लोग हटाए जा चुके हैं. ओएनजीसी ने भी बंगाल की खाड़ी में अपने ठिकानों से लगभग 500 कर्मचारियों को बाहर निकाला है. राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने राहत-बचाव कार्यों के लिए अपनी 28 टीमें ओडिशा में, 12 आंध्र प्रदेश और छह पश्चिम बंगाल में तैनात की हैं.

भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना को भी राहत-बचाव कार्यों के लिए मुस्तैद रखा गया है. नागरिक उड्‌डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने हवाई अड्‌डा प्राधिकरणों और एयरलाइनों को भी तूफान की वज़ह से बनने वाली स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने काे कहा है. पूर्व तटीय रेलवे अब तक 103 ट्रेनें रद्द कर चुका है. मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि इस तूफान से ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के 19 जिले बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं. इन इलाकों में इस तूफान से काफ़ी तबाही मच सकती है.

मौसम विभाग की मानें तो यह तूफान लगभग 200 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार से भारतीय समुद्र तटों से टकरा सकता है. इस दौरान समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ सकती हैं. प्रभावित इलाकों में भारी बारिश, भूस्खलन भी संभव है. केंद्र सरकार ने तूफान से निपटने के लिए चार राज्यों- आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के लिए 1,086 रुपए की शुरूआती राहत राशि भी जारी कर दी है.