भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह ईरान से तेल आयात पर अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के प्रभाव से निपटने के लिए तैयार है. मंत्रालय के मुताबिक सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा, वाणिज्यिक और आर्थिक हितों जैसे तीन पहलुओं के आधार पर इस मुद्दे का समाधान निकालेगी.

पीटीआई के मुताबिक गुरूवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने इस मुद्दे पर कहा, ‘भारत इस संबंध में अमेरिका के निर्णय से पड़ने वाले प्रभाव से निपटने के लिए तैयार है. पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा तैयार किये गये ठोस कार्यक्रम के मुताबिक अन्य प्रमुख तेल उत्पादक देशों की ओर से अतिरिक्त आपूर्ति की जाएगी.’

रवीश कुमार से जब पूछा गया कि क्या भारत अब अमेरिकी प्रतिबंधों को मानते हुए ईरान से तेल के आयात को शून्य स्तर पर लाएगा तो उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा, ‘सीधा जवाब देना कठिन होगा... मैं यह जरूर दोहराऊंगा कि कई पहलुओं को ध्यान में रखते हुए फैसला किया जाएगा. ऊर्जा सुरक्षा उनमें से एक है. इसके अलावा वाणिज्यिक हित दूसरे स्थान पर आता है और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े हित तीसरे स्थान पर.’

पिछले महीने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत सहित आठ देशों को ईरान से तेल खरीदने को लेकर दी गयी छूट की अवधि को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया था.