लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कमलनाथ की अगुवाई वाली मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ एक ‘आरोपपत्र’ जारी किया है. इसमें भाजपा ने कांग्रेस के आधे-अधूरे वादों को दिखाया है. साथ ही यह भी कहा है कि विधानसभा के पिछले चुनाव में कांग्रेस ने किसानों से ‘कर्जमाफी’ का वादा करके राज्य में अपनी सरकार बनाई थी लेकिन पार्टी ने अब तक वह वादा पूरा नहीं किया है. खबरों के मुताबिक यह आरोपपत्र भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे और प्रभात झा की मौजूदगी में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जारी किया.

इस मौके पर शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर राज्य के किसानों को धोखा देने का आरोप लगाया. साथ ही कहा, ‘भले ही कांग्रेस सरकार ने कर्जमाफी के आदेश जारी किए हैं. लेकिन अब तक राज्य के एक भी किसान का कर्ज माफ नहीं हो पाया. कुछ किसानों को कर्जमाफी के झूठे प्रमाणपत्र भी दिए गए हैं जिन्हें वे आग के हवाले करते देखे जा सकते हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कमलनाथ किसानों का कर्ज माफ करने का दावा करते फिर रहे हैं.’

शिवराज सिंह ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही एक ​बार फिर बिजली की कटौती शुरू हो गई है. यह कांग्रेस के ‘बंटाधार युग’ की याद दिलाता है. इसके साथ ही उन्होंने कमलनाथ पर भी तंज कसा. साथ ही कहा कि इससे निराशाजनक और क्या होगा कि जिस दिन कमलनाथ अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में वोट डालने गए थे उस दौरान भी वहां बिजली गुल थी.

वहीं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के युवाओं को चार हजार रुपये प्रतिमाह बेराजगारी भत्ता देने का वादा भी किया था. लेकिन इस दिशा में कांग्रेस ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने भाजपा के इन आरोपों को बेबुनियाद और गलत कहा है.