कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने भारतीय चुनाव आयोग के बहाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधा है. शुक्रवार को आई एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता उल्लंघन की दो शिकायतों में नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट देने के मामले में तीनों चुनाव आयुक्त एकराय नहीं थे. पी चिदंबरम के मुताबिक यह दिखाता है कि ‘मोदी-शाह की जोड़ी का डर’ अब कमजोर पड़ गया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा है, ‘मैं उम्मीद करता हूं कि दूसरे संस्थान और मीडिया भी मोदी-शाह के डर से ऊपर उठते हुए निष्पक्ष तरीके से काम करेंगे.’

कल इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि मोदी को चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के जिन दो मामलों में क्लीन चिट दी गई, उस फैसले को लेकर तीनों चुनाव आयुक्त एकराय नहीं थे. यह फैसला मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा, और चुनाव आयुक्त अशोक लवासा और सुशील चंद्र ने किया था.

मोदी के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन की पहली शिकायत महाराष्ट्र के वर्धा में एक अप्रैल को आयोजित हुई रैली से जुड़ी थी. इसमें उन्होंने दावा किया था कि राहुल गांधी केरल के वायनाड से लोकसभा चुनाव इसलिए लड़ रहे हैं क्योंकि वहां मुसलमान मतदाताओं की संख्या ज्यादा है. वहीं नौ अप्रैल को उन्होंने लातूर में पहली बार मतदान कर रहे मतदाताओं से अपील की थी कि उन्हें अपना वोट बालाकोट हमला करने वाले सैनिकों के नाम पर देना चाहिए.

इसके अलावा अमित शाह को भी चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के दो मामलों में आयोग ने क्लीन चिट दी है. एनडीटीवी के मुताबिक इन पांचों मामलों में कम से कम एक चुनाव आयुक्त ने इन्हें आचार संहिता का उल्लंघन माना था. हालांकि आयोग के संबंधित आदेश में इस बात का जिक्र नहीं है.