‘मैंने सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी है, भाजपा या नरेंद्र मोदी से नहीं.’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

राहुल गांधी ने यह बात दिल्ली में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘मैंने माफी इसलिए मांगी क्योंकि मैंने एक जगह चौकीदार चोर है नारे का इस्तेमाल करते हुए सुप्रीम कोर्ट का हवाला दिया था. बाद में मैंने महसूस किया कि मुझसे गलती हुई है.’ इसके साथ ही राहुल गांधी ने यह भी कहा, ‘मेरे माफी मांगने का यह मतलब नहीं है कि मैंने या कांग्रेस ने चौकीदार चोर है का नारा छोड़ दिया है.’

‘कांग्रेस को झूठ बोलने की पुरानी आदत है, सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर भी वह ऐसा ही कर रही है.’  

— वीके सिंह, थल सेना के पूर्व प्रमुख और भाजपा के नेता

वीके सिंह का यह बयान संयुक्त प्रगतिशील गंठबंधन (यूपीए) सरकार के कार्यकाल में सेना द्वारा छह सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने के कांग्रेस के दावे पर आया है. इसके साथ ही सवालिया लहजे में उन्होंने कांग्रेस से यह भी कहा, ‘क्या मुझे बता सकते हैं कि थल सेना के प्रमुख के तौर पर मेरे कार्यकाल के दौरान आप किस सर्जिकल स्ट्राइक होने की बात कर रहे हैं.’ वीके सिंह मार्च 2010 से मई 2012 तक थल सेना के प्रमुख रहे थे.


‘चुनाव आयोग का एकराय न होना दिखाता है कि अब मोदी-शाह का डर कमजोर पड़ गया है.’  

— पी चिंदबरम, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

पी चिदंबरम ने यह बात मीडिया में आई खबरों के हवाले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधते हुए कही है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘मैं उम्मीद करता हूं कि दूसरे संस्थान और मीडिया भी अब मोदी-शाह के डर से ऊपर उठते हुए निष्पक्ष तरीके से काम करेंगे.’ इससे पहले इसी शुक्रवार आई खबरों में कहा गया था कि आचार संहिता उल्लंघन की दो शिकायतों में नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट देने के मामले में चुनाव आयोग के तीनों आयुक्त एकराय नहीं थे.


‘झूठ और प्रपंच की राजनीति ही विपक्ष के लिए अपना वजूद बचाने का एकमात्र जरिया रह गया है.’  

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात बिहार के वाल्मीकि नगर में एक चुनावी रैली संबोधित करने के दौरान ‘महागठबंधन’ पर तंज कसते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘कांग्रेस और आरजेडी जैसे दलों के पास सिर्फ नाम और दाम का ही विजन है. इनका इरादा बिहार और देश की सेवा करने का नहीं है. क्योंकि ये खुद को लोकतंत्र का सेवक समझने के बजाय लोकतंत्र का नया महाराजा समझते हैं.’


‘मेरी केंद्र सरकार से अपील है कि रमजान के पवित्र महीने के दौरान जम्मू-कश्मीर में संघर्ष विराम घोषित किया जाए.’  

— महबूबा मुफ्ती, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री

महबूबा मुफ्ती ने यह बात श्रीनगर में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘बीते साल भी केंद्र ने यहां एकतरफा संघर्ष विराम घोषित किया था. इस साल भी ऐसा होने से लोग राहत के साथ यह पवित्र महीना गुजार सकेंगे.’ इसके साथ ही महबूबा मुफ्ती ने रमजान को ‘इबादत और दुआ’ का महीना बताते हुए आतंकवादियों से भी अपने हमले रोकने की गुजारिश की. उनका यह भी कहना था कि आज इस राज्य की स्थिति ‘जंग के मैदान’ जैसी हो गई है.