प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ दर्ज आचार संहिता उल्लंघन के पांच मामलों में चुनाव आयोग के क्लीन चिट दिए जाने पर चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने असहमति जताई थी. चुनाव आयोग ने 2-1 के बहुमत से प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को इस मामले में क्लीन चिट दी थी.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के साथ चुनाव आयुक्त अशोक लवासा और सुशील चंद्रा का बोर्ड आचार संहिता उल्लंघन की इन शिकायतों पर एकमत नहीं था,ऐसी खबरें आई थीं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि क्लीन चिट देने पर कौन चुनाव आयुक्त सहमत नहीं था. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वर्धा, लातूर, चित्रदुर्गा और नांदेड़ में दिए गए भाषणों पर क्लीन चिट दिए जाने पर अशोक लवासा ने असहमति जताई थी.

इसके अलावा, अशोक लवासा ने अमित शाह के नागपुर भाषण पर भी आयोग द्वारा क्लीन चिट दिए जाने पर आपत्ति जताई थी. जबकि पाटन, वाराणसी और बारमेड़ मेें प्रधानमंत्री के आरोपों पर सर्वसहमति से क्लीन चिट दी गई. कांग्रेस की शिकायत पर सुप्रीम कोर्ट ने छह मई तक चुनाव आयोग को इन पर फैसला लेने को कहा था.