दिल्ली-एनसीआर स्थित नोएडा के एक फॉर्म हाउस में चल रही रेव पार्टी पर छापा मारकर पुलिस ने 192 लोगों को गिरफ्तार किया है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. बीते शनिवार की रात को गिरफ्तार इन लोगों में फॉर्म हाउस का मालिक और पांच आयोजकों के साथ गाजियाबाद पुलिस का एक सिपाही भी शामिल है. मौके से भारी मात्रा में शराब, बीयर, हुक्के, तंबाकू और कई अन्य आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की गई हैं. बताया जाता है कि आयोजकों ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को इस पार्टी में आमंत्रित किया था. इसके लिए एंट्री फीस 10,000 रुपये प्रति व्यक्ति रखी गई थी. लड़कियों की एंट्री मुफ्त थी. वरिष्ठ अधिकारी ने इस मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका की जांच के आदेश दिए हैं.

उत्तराखंड : कथित ऊंची जाति के लोगों के सामने खाने को लेकर एक दलित युवक की हत्या

उत्तराखंड में कथित ऊंची जाति के लोगों के सामने बैठकर खाना खाने की वजह से एक दलित युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक यह मामला टिहरी जिले का है. बीती 27 अप्रैल को युवक अपने रिश्तेदार की शादी में शामिल हुआ था. बताया जाता है कि वह कुछ सवर्णों के बीच एक कुर्सी पर बैठकर खाना खाने लगा. इससे नाराज सवर्णों ने उसकी पिटाई कर दी. इसके बाद युवक को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां रविवार को उसकी मौत हो गई. दूसरी ओर, पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ आईपीसी की अलग-अलग धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है.

ट्रेन की लेटलतीफी के चलते 400 से अधिक छात्र नीट से वंचित

ट्रेन की लेटलतीफी की वजह से रविवार को 400 से अधिक छात्र मेडिकल की राष्ट्रीय योग्यता प्रवेश परीक्षा (नीट) से वंचित रह गए. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक ये सभी हम्पी एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे. बताया जाता है कि इस ट्रेन का बेंगलुरु पहुंचने का तय वक्त सुबह 6.30 बजे था. लेकिन यह दोपहर ढाई बजे पहुंची, जबकि नीट के परीक्षार्थियों को डेढ़ बजे परीक्षा केंद्र पर पहुंचना था. भारतीय रेलवे का कहना है कि पटरियों पर काम होने की वजह से ट्रेन का मार्ग बदल दिया गया था जिसकी वजह से देरी हुई. उसके मुताबिक इस बारे में यात्रियों को मोबाइल मैसेज के जरिए पहले ही जानकारी दे दी गई थी. वहीं, छात्रों का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी. उधर, रेल अधिकारियों ने कहा है कि वे मानव संसाधन विकास मंत्रालय से इन छात्रों को परीक्षा में बैठने का एक और मौका देने की अपील करेंगे.

पश्चिम बंगाल : भाजपा प्रत्याशी ने तृणमूल कार्यकर्ताओं को कुत्ते की तरह पीटने की धमकी दी

पश्चिम बंगाल की घाटाल लोकसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार भारती घोष ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को धमकी दी है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक इस संबंध में एक वीडियो वायरल हुआ है. इसमें वे कह रही हैं, ‘तुम (तृणमूल कार्यकर्ता) लोगों को वोट नहीं डालने दोगे? मैं तुमको घर से निकाल कर कुत्तों की तरह पीटूंगी. तुम्हारी पिटाई के लिए मैं उत्तर प्रदेश से एक हजार लोगों को बुला लूंगी.’ दूसरी ओर, राज्य में सत्ताधारी पार्टी के महासचिव पार्थ चटर्जी ने इस बारे में चुनाव आयोग की चुप्पी पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा, ‘भारती सरेआम धमका रही हैं. यूपी से लोगों को बुलाने की बात कर रही हैं.’ वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा प्रत्याशी से अपनी सीमा न लांघने की बात कही है.

प्रदूषण से लोग मर रहे हैं, इससे मैं सहमत नहीं हूं : पर्यावरण मंत्री

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री हर्षवर्धन ने उस शोध रिपोर्ट को खारिज किया है जिसमें कहा गया था कि साल 2017 में प्रदूषण की वजह से 12 लाख लोग मारे गए थे. दैनिक जागरण में छपी खबर के मुताबिक पर्यावरण मंत्री ने इस तरह के अध्ययन को ‘केवल दहशत पैदा करने वाला’ बताया है. उन्होंने कहा, ‘प्रदूषण से केवल समय से पहले होने वाली बीमारियां और अन्य चीजें हो सकती हैं. हालांकि, प्रदूषण का स्वास्थ्य पर असर होता है. लेकिन, इस तरह दहशत की स्थिति पैदा करना और यह कहना कि लाखों लोग मर रहे हैं, इससे मैं सहमत नहीं हूं.’ दिल्ली की चांदनी चौक लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी हर्षवर्धन ने आगे कहा, ‘हम वायु प्रदूषण से निपटने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं. अच्छे दिनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और बुरे दिन कम होते जा रहे हैं.’

जिम कॉर्बेट पार्क में बाघों के चलने-फिरने का दायरा घटा, पांच वर्षों में 25 की मौत

उत्तराखंड स्थित जिम कॉर्बेट नेशनल टाइगर रिजर्व पार्क में चलने-फिरने का दायरा यानी मूवमेंट क्षेत्र घटने की वजह से बाघों की मौत हो रही है. हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक बीते पांच वर्षों में जिम कॉर्बेट और इससे सटे जंगल में 25 बाघों की मौत हो चुकी है. जानकारों का कहना है कि एक बाघ को मूवमेंट के लिए आम तौर पर 10 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र चाहिए, जबकि इस राष्ट्रीय पार्क में यह घटकर आधा यानी पांच वर्ग किलोमीटर रह गया है. इस वजह से आपसी संघर्ष में बाघों की जान जा रही है. जिम कॉर्बेट पार्क के निदेशक राहुल का कहना है कि संख्या के हिसाब से क्षेत्रफल का सीमित होना चिंता का विषय है. 1,288 वर्ग किलोमीटर में फैले इस पार्क में बाघों की संख्या 215 है.