सुप्रीम कोर्ट ने वीवीपैट गणना के लिए ईवीएम मशीनों की संख्या बढ़ाने संबंधी विपक्षी दलों की एक और याचिका खारिज कर दी है. उन्होंने याचिका के जरिये सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि लोकसभा चुनाव के तहत हरेक विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग बूथ में पांच ईवीएम के बजाय कम से कम 25 प्रतिशत ईवीएम से वीवीपैट की गिनती की जाए.

इस मामले में विपक्षी दलों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत से कहा कि हरेक पोलिंग बूथ पर केवल पांच ईवीएम मशीनों के इस्तेमाल से केवल दो प्रतिशत वीवीपैट पर्चियों की गणना हो पाएगी. लेकिन कोर्ट ने यह दलील नहीं मानी. एनडीटीवी के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘हम हमारे आदेश में बदलाव करने को तैयार नहीं हैं.’

इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने 50 प्रतिशत वीवीपैट पर्चियों की गिनती से संबंधित याचिका खारिज कर दी थी. तब चुनाव आयोग ने शीर्ष अदालत को बताया था कि ऐसा करने पर चुनाव परिणाम में पांच दिन की देरी हो सकती है. इसके बाद विपक्षी दलों ने एक और याचिका दायर कर मांग की कि कम से कम 25 प्रतिशत ईवीएम मशीनों की वीपीपैट गिनती करने का आदेश दिया जाए.