अमेरिका में हुए एक अध्ययन में सामने आया है कि कार्बन उत्सर्जन कम करने से सबसे ज्यादा फायदा भारत और चीन जैसे देशों को होगा. शोधकर्ताओं के मुताबिक इससे इन देशों के नागरिकों को सबसे अधिक स्वास्थ्य लाभ मिलेगा.

पीटीआई के मुताबिक हाल ही में यह शोध अमेरिका के वर्मोन्ट विश्वविद्यालय द्वारा किया गया है. शोधकर्ताओं ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि भारत और चीन सहित दुनिया के अधिकांश देशों को कार्बन उत्सर्जन को कम करने की कीमत अधिक लग सकती है. लेकिन, जब शोध में इन देशों में वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से होने वाली मौतों से जुड़े तथ्यों को शामिल किया तो पता लगा कि इससे फायदा कहीं ज्यादा है.

अध्ययनकर्ताओं के मुताबिक कार्बन उत्सर्जन कम करने से होने वाले फायदे के मामले में भारत और चीन सबसे आगे रहेंगे क्योंकि ये देश वायु प्रदूषण से होने वाली मौतों के सबसे अधिक बोझ का सामना कर रहे हैं.

वर्मोन्ट विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मार्क बुडोल्फसन ने कहा, ‘ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करके वायु प्रदूषण से होने वाली मौतें काफी कम हो जाएंगी.’ ऐसे में जलवायु बेहतरी की दिशा में बुद्धिमानी से निवेश करके हम बेहतर वायु गुणवत्ता और स्वास्थ्य के जरिए जिंदगियां बचा सकते हैं.’

मार्क बुडोल्फसन के मुताबिक ऐसे में पेरिस जलवायु समझौते की शर्तों को पूरा करने के लिए कार्बन उत्सर्जन में तत्काल कटौती आर्थिक रूप से फायदेमंद है. यह अध्ययन पत्रिका नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुआ है.