सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार काे कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव की याचिका ख़ारिज़ कर दी. इस याचिका में नरेंद्र मोदी और अमित शाह को क्लीन चिट देने के चुनाव आयोग के फ़ैसले को चुनौती दी गई थी.

ख़बरों के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने देव की याचिका ख़ारिज़ करते हुए कहा, ‘ग़लत हो या सही, निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता के उल्लंघन के बारे में शिकायतों पर फैसला कर लिया है. अगर आप इन फ़ैसलों को चुनौती देना चाहती हैं तो अदालत में नई याचिका दायर करनी होगी.’ अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फ़ैसला सुनााया.

शीर्ष अदालत में चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी पेश हुए. उन्होंने कहा, ‘आचार संहिता के उल्लंघन के बारे में निर्वाचन आयोग को प्रतिवेदन देने वाले व्यक्ति इन आदेशों के ख़िलाफ़ अदालत में नहीं आए हैं.’ वहीं सुष्मिता देव के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, ‘निर्वाचन आयोग ने बिना कोई कारण बताए ही मोदी-शाह के ख़िलाफ़ शिकायतें ख़ारिज़ कर दीं.’

कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह के ख़िलाफ़ चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की नौ शिकायतें दर्ज़ कराई थीं. शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग को इन सभी पर छह मई तक फ़ैसला करने का निर्देश दिया था. हालांकि आयोग ने कहा था कि वह आठ मई तक कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं की सभी शिकायतों का निपटारा कर देगा.