दिल्ली की एक अदालत ने मानहानि के मामले में कांग्रेस नेता जयराम रमेश को गुरुवार को जमानत दे दी. पटियाला हाउस कोर्ट के एसीएमएम (एडीशल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट) समर विशाल ने जयराम रमेश को 20,000 रुपए का निजी मुचलका और इतनी ही ज़मानत राशि अदालत में जमा करने का आदेश दिया है.

ख़बरों के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के बेटे विवेक डोभाल ने ‘कारवां’ पत्रिका के जनवरी के अंक में प्रकाशित एक लेख के संबंध में जयराम रमेश के ख़िलाफ़ मामला दायर किया था. क्योंकि रमेश ने पत्रिका की ओर से लगाए गए आरोपों को दोहराते हुए संवाददाता सम्मेलन किया था. इस मामले में पत्रिका के प्रधान संपादक परेश नाथ और पत्रकार कौशल श्रॉफ़ भी आरोपित हैं. अदालत इन दोनों की ज़मानत बीती 25 अप्रैल को मंज़ूर कर चुकी है.

विवेक डोभाल ने अपनी शिकायत में कहा है कि ‘कारवां’ पत्रिका एवं रमेश ने ‘उनके पिता के प्रति खीज निकालने’ के लिए ‘जानबूझकर उनकी छवि खराब करने’ की कोशिश की. जबकि तीनों आरोपितों की दलील है कि पत्रिका में प्रकाशित जानकारियां सही हैं. इस मामले में तीनों ने ख़ुद को निर्दोष बताया है. हालांकि, अदालत इस मामले में आरोप तय कर चुकी है. उसने मान लिया है कि पहली नज़र में मानहानि का मामला बनता है. इसकी अगली सुनवाई 27 मई को निर्धारित की गई है.