देश के बड़े राजनेताओं के ट्विटर अकाउंटों को लेकर एक हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि ट्विटर पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की लोकप्रियता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ज़्यादा है. इंडिया टुडे ने एक अक्टूबर, 2018 से 30 अप्रैल, 2019 के बीच किए आकलन के आधार पर बताया कि राहुल गांधी का ट्वीट औसतन 7661 बार रीट्वीट किया जाता है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्वीट औसतन 2984 बार रीट्वीट होता है. इसे ऐसे भी कहा जा सकता है कि अपने ट्वीटों से लोगों का ध्यान खींचने के मामले में राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी से ढाई गुना आगे हैं.

हालांकि इस सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े एक बड़े तबक़े ने कांग्रेस अध्यक्ष का मज़ाक़ भी उड़ाया है. इन लोगों का कहना है कि राहुल गांधी के ट्वीट ‘हास्यास्पद’ होते हैं, इसलिए उनके ट्वीटों का मज़ाक़ उड़ाने के लिए उनकी शेयरिंग ज़्यादा हो जाती है. लेकिन इसमें भी कोई दो राय नहीं कि यह तर्क देने वाले लोग सत्तारूढ़ भाजपा और नरेंद्र मोदी के समर्थक वर्ग से आते हैं. ऐसे में इंडिया टुडे की रिपोर्ट और उस पर आई प्रतिक्रियाओं को तथ्यों और आंकड़ों की कसौटी पर परखा जाना चाहिए.

यह सच है कि हाल के समय में राहुल गांधी की छवि पहले से बेहतर हुई है, ख़ास तौर पर गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें गंभीरता से लिया जाने लगा है. रिपोर्टें भी बताती हैं कि लोगों के बीच राहुल गांधी एक नया राजनीतिक विकल्प बन रहे हैं. दिसंबर, 2017 में गुजरात में हुए चुनावों के बाद सीएसडीएस द्वारा देश के 19 राज्यों में कराए गए एक सर्वे में बताया गया था कि 2019 में नरेंद्र मोदी के फिर प्रधानमंत्री बनने की संभावना मज़बूत बनी हुई है. लेकिन इसके साथ यह भी कहा गया था कि लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता घटी है और राहुल गांधी की बढ़ी है.

मौजूदा लोकसभा चुनाव से जुड़े हालिया सर्वेक्षणों को सीएसडीएस के सर्वे से जोड़ कर देखें तो साफ़ नज़र आता है कि उसमें किए गए दावे काफ़ी हद तक सही थे. कई न्यूज़ चैनलों ने अपने-अपने सर्वेक्षणों में बताया है कि भाजपा संभवतः 2019 में बहुमत के साथ सत्ता वापसी नहीं कर पाएगी. वहीं, कांग्रेस की सीटें बढ़ेंगी. कई विश्लेषक मानते हैं कि ऐसे में नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की ट्विटर लोकप्रियता को लेकर इंडिया टुडे के ताज़ा आकलन को मज़ाक़ में लेना ठीक नहीं होगा.

इस आकलन से पहले सत्याग्रह ने फ़रवरी, 2018 की अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि राहुल गांधी की ट्विटर फ़ॉलोइंग नरेंद्र मोदी से कम होने के बावजूद बेहतर क्यों दिखती है. हमने दोनों नेताओं की 15 दिनों की ट्विटर गतिविधियों के आधार पर बताया था कि कैसे राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता को उनके ट्विटर अकाउंट के ज़रिये भी समझा जा सकता है. उस समय उनके हरेक ट्वीट को लोग हाथों-हाथ ले रहे थे. इस सिलसिले में उनके और नरेंद्र मोदी के ट्विटर अकाउंटों पर फिर ग़ौर करते हैं.

सत्याग्रह की फ़रवरी, 2018 की रिपोर्ट में नरेंद्र मोदी की ट्विटर फ़ॉलोइंग चार करोड़ तीस लाख थी जो अब चार करोड़ 72 लाख से ज़्यादा हो चुकी है. यानी क़रीब एक साल तीन महीने के दौरान उनकी फ़ॉलोइंग में 15 से 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. वहीं, राहुल गांधी की ट्विटर फ़ॉलोइंग 58 लाख 70 हज़ार से बढ़ कर क़रीब 94 लाख हो चुकी है. उनकी ट्विटर फ़ॉलोइंग में 60 प्रतिशत से ज़्यादा का इज़ाफ़ा हुआ है, और नरेंद्र मोदी की तुलना में उनकी फ़ॉलोइंग 45 प्रतिशत अधिक तेज़ी से बढ़ी है. नरेंद्र मोदी के समर्थक इस पर कह सकते हैं कि वे राहुल गांधी के ‘हास्यास्पद’ ट्वीट पढ़ने के लिए उन्हें पहले से ज़्यादा फ़ॉलो करने लगे हैं. लेकिन क्या वे इस बात को नकार पाएंगे कि इससे पिछड़ तो मोदी रहे हैं?

बहरहाल, यह साबित करने के आंकड़े और भी हैं कि लोग बतौर नेता राहुल गांधी को अब गंभीरता से लेने लगे हैं. सत्याग्रह ने एक मई, 2019 से सात मई, 2019 के बीच राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए ट्वीटों का विश्लेषण किया. इन सात दिनों में राहुल गांधी ने कुल 14 और नरेंद्र मोदी ने क़रीब 91 ट्वीट किए. इससे साफ़ पता चलता है कि ट्विटर सक्रियता के मामले में प्रधानमंत्री कांग्रेस अध्यक्ष से क़रीब सात गुना आगे हैं. लेकिन प्रतिक्रियाओं के मामले में वे राहुल गांधी से पिछड़ते दिखते हैं.

नरेंद्र मोदी को इन सात दिनों में किए ट्वीटों के लिए क़रीब 19 लाख 54,000 बार लाइक किया गया. उनके हरेक ट्वीट को औसतन क़रीब 21,473 बार लाइक किया गया. ट्विटर फ़ॉलोइंग के हिसाब से उनके ट्वीट 4.13 प्रतिशत की दर से पसंद किए गए. वहीं, राहुल गांधी के मात्र 14 ट्वीटों को तीन लाख 96,000 बार लाइक किया गया और उन्हें औसतन 28,286 लाइक मिले. यानी उनके हरेक ट्वीट को नरेंद्र मोदी के मुक़ाबले 6,813 लाइक ज़्यादा मिले. वहीं, फ़ॉलोइंग के हिसाब से राहुल गांधी के ट्वीट पर 4.21 प्रतिशत की दर से लाइक्स आए.

इसके अलावा रीट्वीट के मामले में भी राहुल गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पछाड़ते नज़र आते हैं. कांग्रेस अध्यक्ष के 14 ट्वीटों को कुल एक लाख 7,700 बार रीट्वीट किया गया. इस हिसाब से उनके हरेक ट्वीट को औसतन 7,693 रीट्वीट्स मिले. वहीं, नरेंद्र मोदी के 91 ट्वीटों को क़रीब चार लाख 54,000 रीट्वीट मिले और हरेक ट्वीट को औसतन 4,990 बार रीट्वीट किया गया. इस मामले में वे कांग्रेस अध्यक्ष से औसतन 2,703 रीट्वीट पीछे रहे.

नरेंद्र मोदी की ट्विटर फ़ॉलोइंग राहुल गांधी से तीन करोड़ 78 लाख या पांच गुना से भी ज़्यादा है. लेकिन अपनी-अपनी ट्विटर फ़ॉलोइंग के हिसाब से राहुल बेहतर दिखाई देते हैं. इसका एक सबूत उनका वह ट्वीट भी है जो उन्होंने नरेंद्र मोदी द्वारा उनके पिता राजीव गांधी को ‘भ्रष्टाचारी’ बताए जाने के बाद किया था. राहुल गांधी के उस ट्वीट को एक लाख 11,000 बार लाइक किया गया था. एक मई से सात मई के बीच नरेंद्र मोदी के किसी भी ट्वीट को इतने लाइक नहीं मिले. चलते-चलते यह भी बता दें कि राहुल गांधी का वह ट्वीट बिलकुल ‘हास्यास्पद’ नहीं था.