कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भारतीय वायु सेना के विमानों को ‘निजी टैक्सी’ के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. यह बात उन्होंने उस बयान पर पलटवार करते हुए कही है जिसमें नरेंद्र मोदी ने राजीव गांधी पर निजी छुट्टियों के लिए ‘आईएएनएस विराट’ का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए थे.

इस बारे में स्क्रोल डॉट इन में प्रकाशित एक खबर का हवाला देते हुए रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक ट्वीट किया है. इसमें उन्होंने लिखा है, ‘आप भ्रम फैलाने के लिए फर्जी बातों का सहारा ले रहे हैं. आपने खुद भारतीय वायु सेना के विमानों को निजी टैक्सी बना लिया है. चुनावी यात्राओं के लिए वायु सेना के विमानों का इस्तेमाल करते हुए आपने 744 रुपये जैसा बेहद कम भुगतान किया है.’ इसी ट्वीट से सुरजेवाला ने मोदी को अपने ‘गुनाहों’ से सावधान रहने की नसीहत दी है. साथ ही यह भी कहा है, ‘इस सबके बावजूद आप (नरेंद्र मोदी) बेशर्मी से दूसरों पर उंगली उठा रहे हैं.’

इसके साथ ही एक अन्य ट्वीट में कांग्रेस प्रवक्ता ने लिखा है कि राजीव गांधी के बारे में मोदी ने जो झूठ बोला है उसका पर्दाफाश नौसेना के पूर्व अध्यक्ष एडमिरल रामदास रामदास ने किया है. उनके अलावा एडमिरल विनोद पसरीचा और लक्ष्यद्वीप के प्रशासक रहे वजाहत हबीबुल्लाह भी ऐसा करने वालों में शामिल हैं.

इससे पहले इसी बुधवार को दिल्ली में नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली संबोधित की थी. तब उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने के लिए आईएनएस विराट का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए थे. उन्होंने यह भी कहा था कि ‘नामदार’ (राहुल गांधी) के परिवार ने देश की सुरक्षा में तैनात युद्धपोत को अपनी ‘निजी टैक्सी’ बना लिया था. उस यात्रा में राजीव गांधी के ससुराल पक्ष के कई विदेशी लोग भी शामिल रहे थे.

इधर, प्रधानमंत्री के इस बयान पर सिसायत गर्म है और आरोप-प्रत्यारोपों का दौर जारी है. इसी दौरान नौसेना के पूर्व अधिकारी कोमोडोर हरिंदर सिक्का ने भी इस पर बयान दिया है. टाइम्स नाउ से बातचीत में उन्होंने कहा है, ‘आईएनएस विराट को निजी तौर पर इस्तेमाल करने को लेकर मैंने अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की थी. लेकिन तब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे. इसलिए हम मजबूरी में अपनी आवाज नहीं उठा सकते थे.’ उनका यह भी कहना है, ‘हमें राजीव गांधी से कोई आपत्ति नहीं थी. लेकिन सोनिया गांधी उस वक्त विदेशी नागरिक थीं और उनके विदेशी होने से हमें आपत्ति थी.’