सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठाने वाली याचिका खारिज कर दी. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘इस याचिका में सुनवाई के लायक कुछ नहीं है.’ वहीं, पीठ ने याचिकाकर्ताओं से पूछा, ‘किस चीज ने आपको अदालत का दरवाज़ा खटखटाने के लिए प्रेरित किया? किसी एक कागज में अगर ये लिखा है कि वे (राहुल गांधी) ब्रिटेन के नागरिक हैं तो क्या इतने भर से यह मान लिया जाएगा कि उन्हें ब्रिटिश नागरिकता मिल चुकी है?

गुजरात में गंभीर जल संकट की स्थिति

गुजरात में गंभीर जल संकट की स्थिति पैदा हो गई है. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक इससे राज्य के 20 से अधिक जिले प्रभावित बताए जा रहे हैं. 14 जिलों के 500 से अधिक गांवों में टैंकरों द्वारा पानी की आपूर्ति की जा रही है. राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने भी स्वीकार किया है कि राज्य को जल संकट से जूझना पड़ रहा है. हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक गांव तक पानी की आपूर्ति की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘इन (प्रभावित) क्षेत्रों के सभी बांधों में पानी न के बराबर है. लेकिन, सरदार सरोवर बांध और नर्मदा नहर की वजह से लोगों को जुलाई के आखिर तक किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.’

सुप्रीम कोर्ट ने एसएससी परीक्षा-2017 के परिणाम घोषित करने पर लगी रोक को हटाई

सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) परीक्षा-2017 के परिणाम घोषित करने पर लगी रोक हटा दी है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक शीर्ष अदालत ने कहा है कि नतीजों के बाद नियुक्तियां अदालत के आदेश पर निर्भर करेंगी. इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शीर्ष न्यायालय में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की थी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस परीक्षा परिणाम को घोषित करने पर रोक लगा दी थी. बताया जाता है कि साल 2017 में आयोजित एसएससी परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक हुए थे. इसके बाद परीक्षार्थियों ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

मौजूदा कॉलेजियम जिस तरह चलाया जा रहा है, उसका मैं सख्त विरोधी हूं : पूर्व न्यायाधीश कुरियन जोसेफ

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश कुरियन जोसेफ ने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) के खिलाफ दिए गए फैसले को लेकर अफसोस जाहिर किया है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘उस फैसले में मैंने जो सुझाव दिए थे, उन्हें लागू नहीं किया गया. मेरा मानना है कि एक नियमित और फूलप्रूफ सेक्रेटेरिएट व्यवस्था होनी चाहिए जो न्यायाधीशों की नियुक्तियों पर निर्णय ले.’ पूर्व न्यायाधीश का आगे कहना था कि इस व्यवस्था में नागरिकों के साथ प्रतिष्ठित शख्सियतों की तरफ से आने वाले सुझावों को भी शामिल किया जाना चाहिए. पूर्व न्यायाधीश ने बताया कि उन्होंने कॉलेजियम में सुधार के लिए मुख्य न्यायाधीश को कई बार पत्र लिखा और मुलाकात की. हालांकि, इसके बाद भी इसमें कोई सुधार नहीं किया गया. इसे लेकर जस्टिस जोसेफ ने कहा कि मौजूदा कॉलेजियम को जिस तरह से चलाया जा रहा है, उसके वे सख्त विरोधी हैं.

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों को रिहा करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों को रिहा करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है. दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘संवैधानिक पीठ ने साल 2015 के अपने फैसले में याचिका में उठाए गए सभी प्रासंगिक मुद्दों का निपटारा कर दिया था. उस फैसले के मद्देनजर इस याचिका में कुछ भी नया नहीं है.’ बताया जाता है कि ये याचिका राजीव गांधी के साथ मारे गए लोगों के परिजनों ने दायर की थी. इसमें इस मामले में सात दोषियों को रिहा किए जाने के तमिलनाडु सरकार के साल 2014 के फैसले को चुनौती दी गई थी.

उपभोक्ताओं की निजी सूचनाएं तीसरे पक्ष को नहीं बेचेंगे : गूगल

इंटरनेट सर्च इंजन गूगल ने साफ किया है कि वह अपने उपभोक्ताओं की निजी सूचनाएं तीसरे पक्ष को कभी नहीं बेचेगा. हिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने यह बात कही है. उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स में छपे एक आलेख में कहा है, ‘गोपनीयता कभी लग्जरी सामान की तरह नहीं हो सकती है. यह सिर्फ उनके लिए भी उपलब्ध नहीं हो सकती है जो प्रीमियम उत्पाद और सेवाएं खरीदने में सक्षम हों.’ सुंदर पिचाई ने आगे कहा कि कंपनी गोपनीयता के लिए उपभोक्ताओं को सूचनाओं के संबंध में स्पष्ट विकल्प देती है.