पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने विमानवाहक युद्धपोत आईएनएस का ‘निजी इस्तेमाल’ किया या नहीं इस तरह पूर्व नौसेना अधिकारियों की अलग-अलग राय सामने आई है. ख़बरों के मुताबिक इनमें कुछ अधिकारियों ने इन आरोपों को सही बताया है जबकि कुछ अन्य ने ग़लत.

पूर्व नौसेना प्रमुख लक्ष्मीनारायण रामदास ने गुरुवार को इस बाबत एक स्पष्टीकरण जारी किया था. उन्होंने इसमें पूर्व वाइस एडमिरल विनोद पसरीचा का हवाला देते हुए कहा कि राजीव ‘गांधी द्वारा आईएनएस विराट का निजी इस्तेमाल किए जाने के आरोप सही नहीं हैं. मामले को जिस तरह का बताया जा रहा है, वह भी वैसा नहीं है.’

पूर्व नौसेना प्रमुख के साथ ही वाइस एडमिरल पसरीचा ने भी कहा, ‘ये सही है कि राजीव गांधी, पत्नी सोनिया, पुत्र राहुल और दो आईएएस अधिकारियों के साथ (दिसंबर-1987 में) आईएनएस विराट पर दो-तीन दिन रुके थे. लेकिन उस वक़्त वे लक्षद्वीप की यात्रा पर थे. उन्हें वहां द्वीप विकास प्राधिकरण की अध्यक्षता करनी थी. ये सभी लोग नौसेना के हेलीकॉप्टर से पांच-छह द्वीपों पर भी गए थे. लेकिन वहां के लोगों से मिलने और उनके साथ बैठक के उद्देश्य से.’

पसरीचा ने इन आरोपों का खंडन किया कि उस यात्रा में ‘राजीव गांधी के साथ विदेशी नागरिक भी आईएनएस विराट पर रुके थे.’ या फिर ये कि गांधी परिवार ‘छुटि्टयां मनाने उन द्वीपों पर गया था और आईएनएस विराट को उन्होंने निजी काम के लिए इस्तेमाल किया.’ घटना के वक़्त पसरीचा आईएनएस विराट की कमान संभाल रहे थे.

हालांकि घटना के वक़्त आईएनएस विराट में तैनात रहे नौसेना के पूर्व कमांडर वीके जेटली ने इन आरोपों का समर्थन किया है. उनके मुताबिक, ‘राजीव गांधी और सोनिया गांधी बंगाराम द्वीप पर छुटि्टयां मनाने ही गए थे. उन्होंने इसके लिए आईएनएस विराट के साथ नौसेना के अन्य संसाधनों का भी इस्तेमाल किया. मैं इसका साक्षी हूं.’

एक अन्य पूर्व नौसेना कमांडर हरिंदर सिक्का ने कहा, ‘हम उस समय असहाय थे. उस घटना के ख़िलाफ़ हम आवाज़ नहीं उठा सकते थे. वे (सरकार) हमारे ख़िलाफ़ अनुशासनहीनता का मामला दर्ज़ कर सकते थे. हालांकि मैंने अपने कमांडिंग अफसर के सामने मामला उठाया था. लेकिन मुझे चुप रहने के लिए कह दिया गया.’

ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह मामला उठाया था. उन्होंने एक चुनाव रैली में कहा था, ‘गांधी परिवार ने आईएनएस विराट का निजी टैक्सी की तरह इस्तेमाल किया. यह तब हुआ जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे. वे इटली से आए अपने ससुराल वालों को भी उस जहाज पर ले गए. इस तरह उन्होंने देश की सुरक्षा को ख़तरे में डाला.’