भारतीय जनता पार्टी के एक और सहयाेगी ने अनुमान जताया है कि इस बार वह बहुमत से पीछे से रह सकती है. यह सहयोगी हैं- भाजपा के साथ रही सबसे पुरानी पार्टियों में से एक अकाली दल बादल के नेता नरेश गुजराल.

राज्य सभा सदस्य नरेश गुजराल ने कहा, ‘भाजपा पूर्ण बहुमत से पीछे रह सकती है. लेकिन एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) को बहुमत मिल सकता है. भाजपा के सभी सहयोगियों को उनकी सीटों के हिसाब से केंद्रीय मंत्रिमंडल में सच्चा प्रतिनिधित्व मिल सकता है. और एनडीए केंद्र में स्थिर सरकार दे सकता है.’ गुजराल ने यह भी कहा, ‘यह अनुमान लगाने वाला मैं अकेला नहीं हूं. भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव ने भी कहा है कि उनकी पार्टी पूर्ण बहुमत से दूर सकती है.’

याद दिला दें कि लोक सभा में बहुमत के लिए 543 में 272 सीटों का आंकड़ा ज़रूरी है. ध्यान रखने की बात यह भी है कि इससे पहले एनडीए की एक अन्य सहयोगी पार्टी शिवसेना भी अनुमान जता चुकी है कि भाजपा इस बार बहुमत से पीछे रह सकती है. विपक्ष के दिग्गज नेताओं में से एक एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) प्रमुख शरद पवार ने भी यही अनुमान लगाया था. उनके मुताबिक भाजपा सबसे बड़ी पार्टी तो बन सकती है लेकिन उसे बहुमत मिलने की संभावना कम है.