दिल्ली में 12 मई को सभी सात संसदीय सीटों पर मतदान से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1984 के सिख दंगों का मसला उठा दिया है. भाजपा ने जहां पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के इन दंगों से जुड़े बयान को उछालने की कोशिश की वहीं प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस के सैम पित्राेदा की आड़ लेकर इस मसले को हवा दी.

ख़बरों के मुताबिक भाजपा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर 1984 के सिख दंगों का एक वीडियो अपलोड किया है. साथ ही राजीव गांधी के उस बयान की एक क्लिप भी है जिसमें उन्होंने कहा था, ‘जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है.’ इसके साथ भाजपा ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘यह वीडियो आपको अंदर तक हिला देगा. अब फ़ैसला आपको करना है.’ ग़ौरतलब है कि एक आकलन के मुताबिक सिख दंगों में लगभग 3,000 लोग मारे गए थे. इन दंगों के आरोप कांग्रेस के सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर, एचकेएल भगत और कमलनाथ जैसे नेताओं पर लगे हैं. यह मसला दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में आज भी काफ़ी मायने रखता है.

इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा की आड़ में सिख दंगों का मसला छेड़ा है. सैम पित्रोदा ओवरसीज़ कांग्रेस के प्रभारी हैं. उन्होंने गुरुवार को मीडिया से बातचीत करते हुए एक सवाल के ज़वाब में कहा था, ‘मुझे नहीं लगता कि राजीव गांधी की वज़ह से 1984 के दंगे भड़के. यह एक और तरह का झूठ है. और फिर 1984 की बात करने का क्या मतलब है? आप यह बताईए कि आपने बीते पांच साल में क्या किया? वह जो हुआ 1984 में हुआ. हुआ तो हुआ. पर आपने क्या किया?’

इस पर नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के रोहतक में आयोजित चुनाव रैली में कहा, ‘ये तीन शब्द (हुआ तो हुआ) कांग्रेस का चरित्र और उसकी मानसिकता बताते हैं. यह उनके दंभ को प्रदर्शित करते हैं. ये नेता (सैम पित्रोदा) गांधी परिवार के घनिष्ठ हैं. राजीव गांधी के मित्र रहे हैं. वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष (राहुल गांधी) के गुरु हैं.’