बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समाजवादी पार्टी (सपा) और बसपा गठबंधन को ‘जातिवादी’ कहने वाले बयान पर पलटवार किया है. एक ट्वीट के जरिये प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा है, ‘नरेंद्र मोदी ने गठबंधन पर जातिवादी होने का जो आरोप लगाया है वह हास्यास्पद और अपरिपक्व है. जातिवाद के अभिशाप से पीड़ित लोग जातिवादी कैसे हो सकते हैं? मोदी जन्म से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के नहीं हैं इसीलिए उन्होंने जातिवाद का दंश नहीं झेला है और ऐसी मिथ्या बातें करते हैं.’

इसके साथ ही एक अन्य ट्वीट से नरेंद्र मोदी की जाति के बहाने उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी तीखी टिप्पणी की है. बसपा प्रमुख ने लिखा है, ‘मोदी अपने को जबर्दस्ती पिछड़ा बनाकर राजनीतिक स्वार्थ के लिए जातिवाद का खुलकर इस्तेमाल करते हैं.’ सवालिया लहजे में उन्होंने आगे लिखा हैं, ‘वे (नरेंद्र मोदी) अगर जन्म से पिछड़े होते तो क्या आरएसएस उन्हें कभी प्रधानमंत्री बनने देती.’ इसके साथ ही इसी ट्वीट के जरिये उनका यह भी कहना है, ‘कल्याण सिंह जैसे नेताओं का आरएसएस ने क्या बुरा हाल किया है उसे देश देख रहा है.’

इससे पहले इसी गुरुवार को उत्तर प्रदेश के जौनपुर में चुनावी रैली संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने सपा-बसपा गठबंधन को ‘जातिवाद की राजनीति’ करने वाला बताया था. तब उन्होंने सपा-बसपा पर जातिवादी दुश्मनी की वजह से उत्तर प्रदेश की जनता के साथ भेदभाव करने के आरोप लगाए थे. इसके साथ ही प्रधानमंत्री का यह भी कहना था कि जिन लोगों (सपा के नेता) ने बाबा साहेब आंबेडकर को भू-माफिया बताया था, उन्हीं के लिए मायावती आज वोट मांग रही हैं.