विनिर्माण क्षेत्र की गति सुस्त रहने की वजह से इस साल मार्च में देश का औद्योगिक उत्पादन एक साल पहले इसी माह की तुलना में 0.1 प्रतिशत घट गया. शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक औद्योगिक उत्पादन का यह 21 माह का सबसे कमजोर प्रदर्शन है.

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2018-19 में औद्योगिक वृद्धि दर 3.6 प्रतिशत रही. यह पिछले तीन साल में सबसे कम है. वित्त वर्ष 2017-18 में औद्योगिक उत्पादन सालाना 4.4 प्रतिशत की दर से बढ़ा था. आंकड़ों के मुताबिक मार्च, 2018 में औद्योगिक उत्पादन में 5.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी. वित्त वर्ष 2016-17 में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 4.6 प्रतिशत पर थी. वहीं, 2015-16 में यह आंकड़ा 3.3 फीसदी पर था.

विनिर्माण ,खनन और बिजली जैसे तमाम उद्योगों के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आधार पर औद्योगिक वृद्धि की गणना की जाती है. आंकड़ों के मुताबिक, इस साल विनिर्माण, बिजली और खनन जैसे सेक्टरों का प्रदर्शन पिछले वर्ष के मुकाबले खराब रहा.