आठ दिन से ज़्यादा बीत गए हैं. लेकिन ओडिशा के जिन इलाकों को फानी तूफान ने तहस-नहस किया था उनमें अब तक पानी-बिजली की आपूर्ति सामान्य नहीं हो पाई है. ख़बरों के मुताबिक इस वज़ह से तमाम इलाकों में विरोध प्रदर्शन हाेने लगे हैं.

तूफान से ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर भी बुरी तरह प्रभावित हुई. तुफान के दौरान सिर्फ़ राजधानी में ही 1.56 लाख बिजली के खंभे गिर गए. इससे लगभग पूरे शहर की बिजली आपूर्ति ठप हाे गई. वहां कुल 4.5 लाख बिजली उपभोक्ता हैं. इनमें से महज़ आधे उपभोक्ताओं तक ही अभी बिजली आपूर्ति सामान्य हो पाई है. इसके चलते शहर में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं. इसके बाद बिजली विभाग के कई दफ़्तरों और कर्मचारियों को पुलिस सुरक्षा देनी पड़ी है.

ऐसे ही बताया जाता है कि कटक में बिजली-पानी की आपूर्ति सामान्य होने में अभी एक दिन का समय और लगेगा. पुरी में अभी इस दिशा में काम ही शुरू नहीं हो पाया है. वहां 12 मई से बिजली आपूर्ति दुरस्त करने का काम शुरू होने की बात कही जा रही है. खुर्दा, जगतसिंहपुरा और केंद्रपाड़ा में भी यही हाल है. विपरीत हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शनिवार और रविवार को भी सभी प्रभावित जिलों में सरकारी दफ़्तर खुले रखने का आदेश दिया है.

ग़ाैरतलब है कि ओडिशा के पुरी तट से तीन मई को फानी तूफान टकराया था. इस तूफान से राज्य के 14 जिले प्रभावित हुए. इसकी वज़ह से 41 लोगों की मौत हो गई. लगभग 1.5 लाख लोगों इससे प्रभावित हुए. क़रीब 5.08 लाख घर उजड़ गए. जबकि 34.56 लाख मवेशी भी मारे गए. प्रभावित इलाकों में पानी, बिजली, दूरसंचार का पूरा आधारभूत ढांचा तहस-नहस हो गया. राज्य के विशेष राहत आयुक्त की रिपोर्ट में यह तमाम जानकारियां दी गई हैं.