रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी ने कहा है कि ‘मिशन शक्ति’ से पैदा हुआ अधिकांश मलबा खत्म हो गया है. उनका यह भी कहना था कि जो मलबा फिलहाल बचा हुआ है वह भी कुछ समय में खत्म हो जाएगा. खबरों के मुताबिक जी सतीश रेड्डी ने यह बात ‘टेक्नॉलॉजी फॉर नेशनल सिक्योरिटी’ विषय पर व्याख्यान देने के बाद पूछे गए एक सवाल के जवाब में कही. डीआरडीओ प्रमुख ने कहा, ‘मिशन शक्ति के तौर पर किए गए सफल परीक्षण के बाद मैंने छह अप्रैल को भी ये बात कही थी कि अंतरिक्ष में पैदा हुआ मलबा खुद ही खत्म हो जाएगा.’ उनका यह भी कहना था कि इस मलबे पर लगातार नजर रखी जा रही है.

इससे पहले इसी साल 27 मार्च को भारत ने एंटी-सेटेलाइट मिसाइल (ए-सैट) का सफल परीक्षण करते हुए अंतरिक्ष में अपना ही एक सेटेलाइट मार गिराया था. उस परीक्षण के साथ ही भारत ऐसा करने वालों में अमेरिका, रूस और चीन के बाद दुनिया का चौथा देश बना था. तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश देते हुए देश को डीआरडीओ और भारतीय अं​तरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा हासिल इस उपलब्धि की जानकारी दी थी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि भारत ने यह परीक्षण आत्मरक्षा के उद्देश्य से किया है और वह इसका कोई गलत इस्तेमाल नहीं करेगा.