राजीव गांधी को आईएनएस विराट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था क्योंकि इस देश में अपने लिए सेना के इस्तेमाल का हक सिर्फ एक ही प्रधानमंत्री के पास है


इस चुनाव में राम भी आएंगे, अकबर भी आएंगे, महाराणा भी आएंगे, नेहरू भी आएंगे, पटेल भी आएंगे, राजीव भी आएंगे... बस आएंगे नहीं तो केवल अच्छे दिन!


ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि विरोधी दल एक दूसरे की रैलियों में अपने खर्चे पर कुर्सियां लगवा रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा कुर्सियां खाली दिखें.


सप्ताह का कार्टून :

स्रोत : सतीश आचार्य के ट्वीट से
स्रोत : सतीश आचार्य के ट्वीट से

‘आप’ का मतलब ‘आम आदमी पार्टी’ है, ‘आम आदमी प्रॉपर्टी’ नहीं जो लोग जब चाहे तब इसके नेताओं के साथ मारपीट करने लगते हैं.


देश में बेरोजगारी का आंकड़ा क्या है, मोदी जी को यह पता नहीं, लेकिन किस नेता ने उन्हें क्या-क्या गालियां दीं, वे मुंहजबानी याद हैं.


यूपीए के कार्यकाल में हुईं सर्जिकल स्ट्राइक इतनी गोपनीय थीं कि तब के सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह को भी इनके बारे में जानकारी नहीं है!