लोकसभा चुनाव 2019 के छठवें चरण के मतदान से जुड़ी खबरों को अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इस चरण में सात राज्यों की 59 सीटों पर 64 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. पश्चिम बंगाल में हिंसक घटनाओं के बीच सबसे अधिक 80.85 फीसदी मतदान हुआ. वहीं, दिल्ली में 60.5 फीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया. साल 2014 में यह आंकड़ा 65 फीसदी था. अब आखिरी चरण के तहत 19 मई को आठ राज्यों की 59 सीटों पर मतदान होना है. इसके बाद 23 मई को इस चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे.

बच्चों को निजी प्रकाशन की किताबें लाने पर मजबूर करने को लेकर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने पाठ्यक्रम की किताबों को लेकर सभी राज्यों के शिक्षा सचिव को अहम निर्देश दिया है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक आयोग ने कहा है, ‘यदि किसी भी स्कूल में एनसीईआरटी या एससीईआरटी की किताब लाने पर बच्चों को परेशान किया जाता है और निजी प्रकाशन की किताबें लाने के लिए मजबूर किया जाता है, तो स्कूल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए.’ एनसीपीसीआर ने कहा है कि यह शिक्षा के अधिकार (आरटीई) कानून का उल्लंघन है. आयोग ने आगे बताया कि इस कानून के तहत सरकार ने एनसीईआरटी को अकादमिक प्राधिकरण चुना है. एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो की मानें तो इससे न केवल बच्चों के बस्ते का बोझ कम होगा बल्कि, उनसे होने वाला अकादमिक भेदभाव भी खत्म होगा.

ममता बनर्जी का आरएसएस और भाजपा के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आएसएस), भाजपा के कार्यकर्ताओं के साथ अर्द्धसैनिक बलों के जवानों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. द एशियन एज की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने संदेह जाहिर किया है कि संघ और भाजपा के लोग सुरक्षा बलों के वेश में मतदान को प्रभावित कर रहे हैं. वहीं, ममता बनर्जी ने यह आरोप भी लगाया कि अर्द्धसैनिक बल मतदाताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वोट देने को कह रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने रविवार को हुए मतदान के दौरान कई पोलिंग बूथों पर सुरक्षा बलों द्वारा फायरिंग किए जाने की घटना पर आपत्ति जाहिर की है. वे पहले भी इस चुनाव में राज्य में बड़ी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर कई बार नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं.

अलवर सामूहिक बलात्कार मामले पर नरेंद्र मोदी और मायावती के बीच जुबानी जंग

राजस्थान के अलवर में सामूहिक बलात्कार के मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बसपा प्रमुख मायावती पर निशाना साधा है. साथ ही, राज्य की सरकार से समर्थन वापस लेने की चुनौती दी है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक उन्होंने उत्तर प्रदेश की एक चुनावी सभा में कहा, ‘राजस्थान की कांग्रेस सरकार अलवर में दलित बेटी से गैंगरेप के मामले को दबाने में लगी है. वहां बहनजी के समर्थन से सरकार चल रही है. आपने उस सरकार से समर्थन वापस क्यों नहीं लिया? बसपा प्रमुख केवल घड़ियाली आंसू बहा रही हैं.’ दूसरी ओर, मायावती ने भी प्रधानमंत्री पर पलटवार किया. उन्होंने कहा, ‘मोदी ऊना कांड (गुजरात) और अन्य भाजपा शासित राज्यों में हुए दलित अत्याचार की नैतिक जिम्मेदारी लेकर अपने पद से इस्तीफा क्यों नहीं देते.’ मायावती ने कहा कि राजस्थान के साथ अन्य राज्यों में कांग्रेस से कैसे निपटना है यह बसपा को मालूम है.

छत्तीसगढ़ : कांग्रेस के नेताओं पर दर्ज राजनीतिक मामले खत्म करने की तैयारी

छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार कांग्रेस के नेताओं पर दर्ज राजनीतिक मामले खत्म करने की तैयारी में है. दैनिक जागरण की मानें तो गृह विभाग ने सभी जिला अधिकारियों (डीएम) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) से 15 दिनों के भीतर कांग्रेसी नेताओं-कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी मांगी है. इससे पहले सरकार ने इस संबंध में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया था. हालांकि, चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण इसकी बैठक नहीं हो सकी. यह उपसमिति जनहित से जुड़े मुद्दे, सामाजिक या राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े प्रकरण खत्म करने की सिफारिश करती है. बीते साल कांग्रेस की सरकार ने सियासी मामलों को खत्म करने का एलान किया था. बताया जाता है कि 15 वर्षों तक विपक्ष में रहने की वजह से ज्यादातर मामले कांग्रेसियों के खिलाफ ही दर्ज हुए हैं.

अमेरिका : पाकिस्तान-अफगानिस्तान को दिए जाने वाले फंड से मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने का फैसला

अमेरिका ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान को दिए जाने वाले फंड का इस्तेमाल मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के लिए करने का फैसला किया है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक कार्यवाहक रक्षा सचिव (मंत्री पद के समकक्ष) पैट्रिक शानाहन ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘सरकार दीवार के निर्माण के लिए 1.5 अरब डॉलर (करीब 10,000 करोड़ रुपये) फंड जारी करेगी. यह रकम पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सेना को भेजा जाना था.’ पैट्रिक शानाहन ने बताया कि इसके अलावा कोएलिएशन फंड से भी इस दीवार के लिए 540 करोड़ रुपये की निकासी की जाएगी. इस फंड का इस्तेमाल अफगानिस्तान में अमेरिकी सैन्य अभियान के तहत पाकिस्तान की मदद के लिए किया जाता है.