चुनाव के आख़िरी चरण के नज़दीक आते-आते पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच टकराव भी बढ़ता जा रहा है. ख़बरों के मुताबिक सोमवार को राज्य के जाधवपुर में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की चुनाव रैली आयोजित थी. लेकिन सरकार ने आख़िरी मिनटों में इस रैली के लिए दी गई अनुमति वापस ले ली.

इस मामले में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, ‘हमने रैली की अनुमति के लिए चार-पांच दिन पहले आवेदन किया था. पहले वे (स्थानीय प्रशासन) कह रहे थे कि अनुमति मिल जाएगी. लेकिन रविवार रात 8.30 बजे बताया कि अनुमति नहीं देंगे. बिना किसी कारण के रैली को अनुमति नहीं दी गई. हेलीकॉप्टर (अमित शाह का) उतरने की अनुमति देने से भी मना कर दिया. ये लोकतंत्र की हत्या है. चुनाव आयोग को इस पर संज्ञान लेना चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री की रैली, हमारे पार्टी अध्यक्ष का दौरा रोकना हो या अन्य नेताओं को राज्य में न आने देने की बात. ऐसी घटनाएं लगातार देखने को मिल रही हैं. कुछ नेताओं को कोलकता में रोकना, किसी को गिरफ्तार करना. ये क्या है? लगता है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हताश हो चुकी हैं. उनको एहसास हो गया है कि उनकी पार्टी जा रही है और भाजपा आ रही है.’ लोक चुनाव के आखिरी चरण में 19 मई को राज्य की नौ सीटों पर मतदान है. इनमें जाधवपुर भी शामिल है.

इधर भाजपा के मीडिया प्रमुख एवं राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने बताया कि पार्टी पश्चिम बंगाल सरकार के रवैये के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन करेगी. साथ ही चुनाव आयोग में शिकायत भी दर्ज़ कराएगी.