पिछले पांच सालों से बलात्कार की पीड़ा सह रहीं मेरठ की एक महिला ने कुछ दिनों पहले खुद को आग लगा ली थी. उत्तर प्रदेश की रहने वाली सुनीता (बदला हुआ नाम) इस समय दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हैं. वे 75-80 प्रतिशत जल चुकी हैं और बेहद तकलीफ में हैं. लेकिन इस दर्द में भी वे अपने साथ हुए अमानवीय व्यवहार को नहीं भूली हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘काश मैं मर गई होती. कोई भी इस तरह की प्रताड़ना से नहीं गुजरना चाहता. लेकिन मेरे जलने की वजह से कम से कम लोग मेरा रेप नहीं करेंगे.’

जिस समय देश में ‘बेटी पढ़ाओ बेटी बढ़ाओ’ जैसे नारे को हर ओर प्रचारित किया जा रहा है, तब सुनीता की कहानी एक बार फिर हमें जमीनी हकीकत दिखाती है. 23 वर्षीय सुनीता ने बीती 28 अप्रैल को अपने दोस्त के घर में खुद को आग लगा ली थी. उससे पहले उनके साथ जो हुआ उसे जान कर समझा जा सकता है कि उन्होंने यह कदम क्यों उठाया.

अखबार के मुताबिक सुनीता बताती हैं, ‘मेरे पिता ने 2009 में मेरी शादी कर दी. तब में सिर्फ 14 साल की थी. मेरा पति उम्र में काफी ज्यादा था. उसने कुछ ही महीनों में मुझे छोड़ दिया.’ रिपोर्ट के मुताबिक पति द्वारा छोड़े जाने के कुछ ही हफ्तों बाद सुनीता को उनके पिता ने महज 10,000 रुपये में बेच दिया. उन्होंने बताया, ‘मेरा दूसरा पति बहुत बुरा था. उसने अपने दोस्तों से मेरा बलात्कार कराया. लोगों को इसका पता लगा तो उन्होंने समझा कि मैं कमजोर हूं और (रेप के लिए) ‘उपलब्ध’ हूं. मेरा 20 से ज्यादा लोगों ने रेप किया है और तेजाब फेंकने की धमकी दी.’

सुनीता का यह भी कहना है कि उन्होंने न्याय पाने की बहुत कोशिश की, लेकिन उनके पिता और पुलिस ने उनकी नहीं सुनी. उन्होंने कहा, ‘मैंने कई बार शिकायत की, लेकिन हर बार कह दिया जाता कि जांच की जा रही है.’ सुनीता के मुताबिक अक्टूबर, 2018 से अप्रैल, 2019 तक उनकी शिकायतों पर एक भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई. ऐसे में नाउम्मीद होने के बाद उन्होंने खुद की जिंदगी खत्म करने का फैसला कर लिया.

वहीं, सुनीता के दोस्त ऋषभ बताते हैं कि उनके तीन बच्चे हैं. एक पहले पति से, दूसरा बच्चा दूसरे पति और तीसरा बच्चे एक अन्य व्यक्ति का है जिसने सुनीता का रेप किया. उन्होंने बताया कि फिलहाल तीनों बच्चे दूसरे पति के साथ रहे हैं. ऋषभ के मुताबिक वह बच्चों को भावनात्मक हथियार की तरह इस्तेमाल करता है ताकि सुनीता को वापस घर बुला सके.