कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जैसे-तैसे सैम पित्रोदा के विवादित बयान (1984 के सिख दंगों पर कहा था ‘हुआ तो हुआ’) का मामला शांत किया. पर अब पार्टी से जुड़े दूसरे नेता मणिशंकर अय्यर ने अपने लेख से भारतीय जनता पार्टी को मुद्दा दे दिया है. अय्यर ने ‘राइज़िंग कश्मीर’ नामक अख़बार में एक लेख लिखा है. इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बौद्धिक स्तर पर सवाल उठाया. साथ ही लिखा है, ‘मैंने दिसंबर-2017 में जो कहा (नरेंद्र मोदी के बारे में) था, क्या वह सही भविष्यवाणी नहीं थी?’

अपने लेख में मणिशंकर अय्यर ने लिखा है, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बारे में चेताने की ज़रूरत है कि वे सेना और सीआरपीएफ (केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल) के जवानों के बलिदान पर सवार होकर गंदा चुनाव अभियान चला रहे हैं. इस तरह वे राष्ट्रविरोधी गतिविधि के दोषी हैं. हालांकि फिर भी ज़्यादा चिंता की बात नहीं है. देश की जनता 23 मई को उन्हें सत्ता से बाहर कर रही है. फ़िज़ूल की बयानबाज़ी करने वाले प्रधानमंत्री का यही सबसे अच्छा अंत होगा. याद कीजिए मैंने सात दिसंबर-2017 को उनके बारे में क्या कहा था. क्या मैं सही नहीं था?’

मणिशंकर अय्यर ने तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ‘नीच आदमी’ शब्द का इस्तेमाल किया था. इसकी वज़ह से उन्हें दो साल पहले कांग्रेस पार्टी से निलंबित कर दिया गया था. हालांकि इस कार्रवाई के बावज़ूद उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अय्यर के बयान का गुजरात के चुनाव के दौरान जमकर इस्तेमाल किया. इस बयान को उन्होंने अपनी जाति से जोड़ दिया था.

इसी तरह सूत्रों की मानें तो अब एक बार फिर भाजपा मणिशंकर अय्यर के लेख को मुद्दा बनाने की कोशिश में है. पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा है, ‘आख़िरकार गांधी परिवार को ‘मणि’ ने भी राहुल गांधी की ‘प्यार की राजनीति’ में अपना योगदान दे ही दिया.’ भाजपा के सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी आगामी चुनाव रैलियों में अय्यर के ताज़ा लेख का ज़िक्र कर सकते हैं.