भारत में इस साल चार जून से मानसून की शुरुआत हो सकती है. यह जानकारी मौसम का हाल बताने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट ने दी है. इसके साथ ही इस एजेंसी ने साल 2019 के लिए देश में 93 फीसदी यानी औसत से कम बारिश का दीर्घकालिक पूर्वानुमान जताया है. इस एजेंसी का यह भी कहना है कि इस साल कम बारिश की संभावना जहां 50 प्रतिशत है तो वहीं सूखे की संभावना महज 20 फीसदी ही है.

भारत में मानसून के बादल सबसे पहले अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पहुंचते हैं. इस साल वहां इसी महीने की 22 तारीख से बारिश के शुरू होने का अनुमान जताया गया है. हालांकि भारत में मानसून की शुरुआत केरल से मानी जाती है. आम तौर पर यहां एक जून तक मानसून के बादल पहुंचकर बारिश की शुरुआत कर देते हैं. इसके बाद मानसून जुलाई के मध्य से देश के बाकी हिस्सों को भी भिगोना शुरू कर देता है.

इस बीच स्काईमेट की ही तरह मौसम विभाग ने भी इस साल देश में 96 फीसदी तक की सामान्य बारिश होने का अनुमान जताया है. इसके साथ ही मौसम विभाग ने मानसून की बारिश को प्रभावित करने वाले अल-नीनो इफेक्ट के भी कमजोर बने रहने की संभावना जताई है. इससे पहले साल 2018 के दौरान मौसम विभाग ने भारत में 97 प्रतिशत तो स्काईमेट ने 100 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान जताया था. हालांकि तब देश में 91 प्रतिशत बरसात हुई थी.