श्रीलंका में सरकार के सामने एक नया संकट खड़ा हो गया है. ईस्टर के मौके पर हुए आतंकवादी हमले के बाद से भड़की साम्प्रदायिक हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है. श्रीलंका में मुस्लिमों को बहुसंख्यक सिंहली समुदाय के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है. पिछले के हफ्ते के दौरान कई शहरों में मस्जिदों और मुसलमानों के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है. देश के उत्तर पश्चिम प्रांत में सोमवार को भीड़ के हमले में एक मुस्लिम व्यक्ति की मौत भी हो गयी थी.

पीटीआई के मुताबिक मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ हिंसा बढ़ने के बाद सरकार ने देशभर में रात का कर्फ्यू लगा दिया है. कई जगह दंगाई भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग और आंसू गैस का इस्तेमाल भी करना पड़ा है. श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.

इससे पहले अफवाहों को रोकने के लिए श्रीलंका में सोमवार से फेसबुक और वॉट्सऐप सहित कई सोशल मीडिया मैसेजिंग ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. श्रीलंका में बीते महीने ईस्टर के दिन हुए सिलसिलेवार धमाकों में 250 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. इन हमलों की जिम्मेदारी कुख्यात आतंकी संगठन आईएस ने ली है.