‘महात्मा गांधी की हत्या करने वाले को आतंकवादी नहीं कहेंगे तो फिर क्या कहेंगे?’  

— असदुद्दीन ओवैसी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख

असदुद्दीन ओवैसी का यह बयान मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) के संस्थापक कमल हसन द्वारा नाथूराम गोडसे को लेकर दिए बयान के समर्थन में आया है. इसके साथ ही उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या करने में शामिल सभी लोगों को आतंकवादी बताया. असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा, ‘गांधी जी की हत्या की जांच को लेकर कपूर आयोग का गठन किया गया था. उस आयोग ने जिन लोगों को उसका दोषी माना उन सभी को आतंकवादी कहा जाना चाहिए.’

‘मैंने दिसंबर-2017 में जो कहा था, क्या वह सही भविष्यवाणी नहीं थी?’  

— मणिशंकर अय्यर, कांग्रेस के निलंबित नेता

मणिशंकर अय्यर ने यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कही. उनके मुताबिक, ‘नरेंद्र मोदी सेना के जवानों के बलिदान के जरिये गंदा चुनावी अभियान चला रहे हैं. ऐसा करके वे राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का दोषी बन रहे हैं.’ इसके साथ ही मणिशंकर अय्यर ने यह भी कहा, ‘मोदी को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करनी चाहिए. क्योंकि 23 मई को देश की जनता उन्हें सत्ता से बाहर कर देगी.’ इससे पहले दिसंबर, 2017 में अय्यर ने मोदी को ‘नीच आदमी’ बताया था. तब कांग्रेस ने उन्हें दो साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया था.


‘लोकसभा चुनाव में बढ़ती कटुता के लिए कांग्रेस और राहुल गांधी जिम्मेदार हैं.’  

— राजनाथ सिंह, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता

राजनाथ सिंह ने यह बात एक इंटरव्यू के दौरान कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष ने प्रधानंमत्री के लिए ‘चोर’ शब्द का इस्तेमाल किया है.’ राजनाथ सिंह के मुताबिक, ‘प्रधानमंत्री कोई व्यक्ति नहीं होता, यह एक संस्था है. कांग्रेस ने इस संस्था की गरिमा कम की है.’ इस मौके पर उन्होंने लोकसभा के इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बड़ी जीत मिलने का दावा भी किया.


‘राजनीति में एक-दूसरे के खिलाफ घृणा और हिंसा का इस्तेमाल बंद होना चाहिए.’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

राहुल गांधी ने यह बात मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को लेकर एक ट्वीट के जरिये कही. इसी ट्वीट के जरिये उन्होंने घृणा और हिंसा को भारत के लिए गलत बताया. इसके साथ ही राहुल गांधी ने यह भी कहा, ‘मैं चाहता हूं कि राजनीति में एक नई तरह की भाषा का इस्तेमाल हो. आइये हम एक-दूसरे से भयंकर लड़ाई करें. लेकिन यह लड़ाई, मुद्दों और विचारधारा को लेकर हो.’


‘जब पंजाब आजादी की लड़ाई लड़ रहा था तो उस वक्त आरएसएस के लोग अंग्रेजों की चमचागिरी में व्यस्त थे.’  

— प्रियंका गांधी, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव

प्रियंका गांधी ने यह बात पंजाब के बठिंडा में एक चुनावी रैली संबोधित करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लोगों ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में कभी हिस्सा नहीं लिया.’ इसके साथ ही प्रियंका गांधी ने नरेंद्र मोदी पर देश के लोकतंत्र को तबाह कर देने का आरोप भी लगाए. उन्होंने यह भी कहा, ‘इसके लिए देश के लोग ही अब इस चुनाव में उन्हें सबक सिखाएंगे.’