भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के कोलकाता में एक रोड शो के दौरान हुई हिंसा की खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. मंगलवार को अमित शाह का यह रोड शो मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड इलाके से शुरू होकर उत्तरी कोलकाता में स्वामी विवेकानंद भवन पर खत्म होना था. लेकिन रोड शो के दौरान कुछ लोगों ने उस वाहन पर डंडे फेंके जिस पर खुद भाजपा अध्यक्ष सवार थे. इस घटना के बाद भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई. वहीं, इस घटना के बाद अमित शाह ने कहा है कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि वे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के तानाशाही रवैये के खिलाफ अपनी बात नहीं कह पाए.

उत्तर प्रदेश : कथित उच्च जाति पर दलित दूल्हे को मंदिर में जाने से रोकने का आरोप

उत्तर प्रदेश के अमरोहा स्थित एक दलित परिवार ने इलाके के कथित उच्च जाति के लोगों पर उन्हें एक मंदिर में जाने से रोकने का आरोप लगाया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को एक दलित युवक शोभित जाटव की शादी थी. इसके लिए बारात निकलने से पहले आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर जाना था. शोभित के पिता का कहना है कि न केवल उनके लिए रास्ता रोका गया बल्कि, दूल्हे की अंगूठी और पैसे भी लूटने की कोशिश की गई. बताया जाता है कि इस घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति है. हालांकि. बाद में पुलिस की निगरानी में दूल्हे को मंदिर में प्रवेश कराया गया. पुलिस ने इस मामले में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. वहीं, स्थानीय पुलिस अधिकारी ने इस घटना को केवल दो परिवारों के बीच का विवाद बताया. उनका कहना है कि इसका जातिगत हिंसा से कोई संबंध नहीं है.

नाथूराम गोडसे को ‘हिंदू आतंकवादी’ कहने पर कमल हासन के खिलाफ मामला दर्ज

महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को ‘हिंदू आतंकवादी’ कहने पर मक्काल निधि मय्यम (एमएनएम) पार्टी के नेता कमल हासन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक इस मामले की सुनवाई दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट में होगी. वहीं, भाजपा ने चुनाव आयोग में कमल हासन के बयान की शिकायत की है. पार्टी का कहना है कि उन्होंने आचार संहित का उल्लंघन किया है. दूसरी ओर, दिल्ली हाई कोर्ट में भी एक जनहित याचिका के जरिए चुनावी फायदे के लिए धर्म के इस्तेमाल को रोकने के लिए चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की गई है. इस याचिका में एमएनएम प्रमुख के इस बयान का भी जिक्र किया गया है.

स्नातक में पर्यावरण विज्ञान की पढ़ाई अनिवार्य : यूजीसी

देश के सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शैक्षणिक संस्थानों में स्नातक स्तर पर पर्यावरण विज्ञान की पढ़ाई को अनिवार्य कर दिया गया है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने शैक्षणिक सत्र 2019-2020 से इसकी पढ़ाई शुरू कराने का निर्देश दिया है. इसके दायरे में कला, वाणिज्य, विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रबंधन सहित अन्य सभी पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है. यूजीसी ने फैसले के पीछे सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला दिया है. बताया जाता है कि आयोग ने स्नातक स्तर पर पढ़ाया जाने वाला पर्यावरण विज्ञान का पाठ्यक्रम अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है.

राष्ट्रीय महिला आयोग ने हापुड़ सामूहिक बलात्कार मामले के आरोपितों के खिलाफ सख्त और तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को हापुड़ सामूहिक बलात्कार मामले के आरोपितों के खिलाफ सख्त और तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. दैनिक जागरण के मुताबिक आयोग ने महिलाओं से जुड़े अपराध में बढ़ोतरी और पुलिस की उदासीनता पर भी चिंता जाहिर की है. इससे पहले बीती 28 अप्रैल को हापुड़ की रहने वाली पीड़िता ने अपने घर में खुद को आग लगा ली थी. इसके बाद महिला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसमें महिला ने खुद को विधवा बताया. साथ ही, उन्होंने दावा किया कि उसके पिता ने ही उसे सिर्फ 10 हजार रुपये में बेच दिया था. इसके बाद कई बार उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया. पीड़िता ने पुलिस पर उसकी शिकायत दर्ज न करने का भी आरोप लगाया. इसके बाद सोमवार को पुलिस ने दिल्ली स्थित एक अस्पताल में आकर महिला का बयान दर्ज किया.

भारत की जीएस लक्ष्मी आईसीसी के मैच रेफरी के अंतरराष्ट्रीय पैनल में शामिल होने वाली पहली महिला

भारत की जीएस लक्ष्मी आईसीसी के मैच रेफरी के अंतरराष्ट्रीय पैनल में शामिल होने वाली पहली महिला बन गई हैं. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक 51 वर्षीय लक्ष्मी अब तक महिलाओं के तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों में रेफरी रह चुकी हैं. उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को खुद के लिए बड़ा सम्मान बताया. लक्ष्मी ने कहा, ‘एक क्रिकेटर और मैच रेफरी के रूप में मेरा लंबा करियर रहा है. उम्मीद है कि मैं अपने अनुभव का अच्छा इस्तेमाल करूंगी.’ इससे पहले लक्ष्मी घरेलू महिला क्रिकेट में 2008-09 से मैच रेफरी की भूमिका निभा रही थीं. वहीं, इसी महीने की शुरुआत में वे पुरुष एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में अंपायरिंग करने वाली पहली महिला बनी थीं.