पाकिस्तान में जमात उद दावा के मुखिया हाफ़िज़ सईद के साले और संगठन के दूसरे प्रमुख नेता अब्दुल रहमान मक्की को गिरफ्तार कर लिया गया है. पाकिस्तानी मीडिया ने पंजाब पुलिस की प्रवक्ता नाबीला गज़नफर के हवाले से बताया है कि मक्की की गिरफ्तारी पंजाब के गुजरांवाला कस्बे से तब हुई जब वो प्रतिबंधित संगठनों के ख़िलाफ़ सरकार की कार्रवाई का विरोध कर रहा था.

पीटीआई के मुताबिक इस समय अब्दुल रहमान मक्की जमात उद दावा की राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय मामलों की शाखा का प्रमुख और इसकी चैरिटी संस्था फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) का प्रमारी भी है. बताया जाता है कि पिछले दिनों एफआईएफ पर लगाए गए प्रतिबंध के तहत मक्की पर यह कार्रवाई की गई है.

सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करने वाली संस्था फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के दबाव में की है. बीते फरवरी में हुई एफएटीएफ की एक समीक्षा बैठक के दौरान पाया गया था कि पाकिस्तान ने आतंक के खिलाफ बेहद कम कार्रवाई की है. इसके बाद संस्था ने पाकिस्तान को अपनी ग्रे लिस्ट में बरकरार रखा था. एफएटीएफ का यह भी कहना था कि अगर भविष्य में पाकिस्तान आतंकियों और उनके संगठनों पर कार्रवाई नहीं करता है तो उस पर और बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा.

पाकिस्तान में बीते फरवरी में जमात उद दावा पर लगे प्रतिबंध के बाद अब तक इस संगठन के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया गया है. सरकार ने इस संगठन द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों, एम्बुलेंस सेवाओं और मस्जिदों को अपने नियंत्रण में ले लिया है. जमात उद दावा के मुखिया हाफिज सईद को वैश्विक आतंकी घोषित किया जा चुका है. उसे 2008 में हुए मुंबई हमले का मास्टरमाइंड भी कहा जाता है. मुंबई हमले में 166 लोगों की मौत हो गई थी.