बीते मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह के एक रोड शो में हुई हिंसा के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सात किलोमीटर लंबी पदयात्रा की है. खबरों के मुताबिक उनकी यह पदयात्रा उत्तरी कोलकाता के बेलियाघाट से शुरू होकर श्याम बाजार पर खत्म हुई.

इस बीच हिंसा की उस घटना को लेकर ममता बनर्जी ने भाजपा पर निशाना भी साधा है. उन्होंने कहा, ‘यह भाजपा का सौभाग्य है कि मैं शांत हूं. मैं चाहूं तो एक सेकेंड में दिल्ली के भाजपा कार्यालय और इसके नेताओं के घरों पर कब्जा कर सकती हूं.’ इसके साथ ही सवालिया लहजे में उन्होंने यह भी कहा, ‘क्या अमित शाह कोई भगवान हैं जो उनके खिलाफ कोई प्रदर्शन नहीं कर सकता.’

इससे पहले मंगलवार को एक रोड शो के दौरान कुछ लोगों ने उस वाहन पर डंडे फेंके थे जिस पर अमित शाह खुद सवार थे. उसके बाद भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी. पत्थरबाजी के अलावा लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर प्रहार के बाद कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने वाहनों में आग लगा दी थी. साथ ही कुछ लोगों ने समाज सुधारक ईश्वरचंद विद्यासागर को एक प्रतिमा भी तोड़ दी थी.

उस हिंसा के बाद से ही भाजपा-टीएमसी के बीच घमासान जारी है. इस दौरान उसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता बनर्जी पर ‘लोकतंत्र का गला घोंटने’ का आरोप लगाया है. वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ट्वीट के जरिये ममता बनर्जी की तुलना आईएस सरगना बगदादी के साथ की है.

इधर, लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा को लेकर चुनाव आयोग ने एक बड़ा फैसला किया है. आगामी 19 मई को होने वाले अंतिम चरण के मतदान के मद्देनजर चुनाव आयोग ने यहां चुनावी प्रचार पर इसी गुरुवार की रात 10 बजे से रोक लगाने संबंधी निर्देश जारी किए हैं. नियमों के मुताबिक 19 तारीख को होने वाले मतदान के मद्देनजर 17 मई की शाम पांच बजे चुनावी प्रचार थमना था.

आखिरी चरण में देश की कई अन्य संसदीय सीटों के साथ पश्चिम बंगाल की नौ संसदीय सीटों पर मतदान की प्रक्रिया संपन्न कराई जानी है. इनमें दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, जाधवपुर, डायमंड हार्बर, कोलकाता दक्षिण और उत्तरी कोलकाता निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं.