पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा से जुड़े कुछ वीडियो सामने आए हैं. इनमें भगवा कपड़े पहने कुछ लोग कोलकाता स्थित विद्यासागर कॉलेज हॉस्टल के बाहर लगी शिक्षाशास्त्री व समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ते दिख रहे हैं. एक और वीडियो में एक दूसरा समूह दीवार के दूसरी तरफ खड़े भगवा कपड़े व पगड़ी पहने लोगों पर पत्थर फेंकते दिख रहा है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक कोलकाता पुलिस इन दोनों वीडियो क्लिप की जांच कर रही है.

अखबार ने पुलिस अधिकारियों, प्रत्यक्षदर्शियों और भाजपा-टीएमसी के कार्यककर्ताओं से बातचीत के आधार पर बताया कि अमित शाह के रोड शो से पहले सबको पता था कि हंगामा होने वाला है. रिपोर्ट के मुताबिक टीएमसी ने पहले से रोड शो का विरोध करने की योजना बना रखी थी. वहीं, भाजपा ने भी ‘अप्रिय घटना’ को रोकने की तैयार की हुई थी. रिपोर्ट में एक वॉट्सएप वीडियो का जिक्र है जिसमें एक भाजपा नेता अपने लोगों को कह रहे हैं कि वे टीएमसी के लोगों से लड़ने के लिए डंडे लेकर आएं.

वहीं, पुलिस सूत्रों ने अखबार को बताया कि हिंसा के बाद गिरफ्तार किए गए सभी लोग भाजपा समर्थक हैं. टीएमसी ने दावा किया था कि हिंसा करने वाले भाजपा समर्थक पश्चिम बंगाल के बाहर से लाए गए थे. लेकिन सूत्रों की मानें तो गिरफ्तार लोगों को हुगली, बर्दवान, उत्तर 23 परगना और टीटागढ़ जैसे बंगाल के इलाकों से ही पकड़ा गया है. एक सूत्र ने बताया, ‘हमें स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया के जरिये वीडियो फुटेज मिले हैं. कुछ बाहरी लोग हॉस्टल में घुसे और तोड़फोड़ की.’

उधर, हॉस्टल के केयरटेकर एसआर मोहंती ने बताया, ‘(भाजपा की) रैली में आए करीब 50-60 लोगों ने गेट को धक्का देना शुरू कर दिया. वे उसे जबर्दस्ती खोलने की कोशिश कर रहे थे. मैं तुरंत ऊपर की मंजिल की तरफ भागा. कुछ छात्र महिला कॉलेज के गेट से बाहर निकल गए. इसी बीच पुलिस आ गई. उन्होंने (उपद्रवी) फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया और विद्यासागर की मूर्ति का ऊपरी हिस्सा तोड़ दिया.’ वहीं, कैंपस में मौजूद पत्रकारिता की एक छात्रा ने बताया, ‘मैंने उन्हें हर फर्नीचर को तोड़ते समय जय श्रीराम चिल्लाते सुना था. मैं अपनी दो दोस्तों के साथ ऊपर की तरफ गई और बाद में पुलिस द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने के बाद साथी छात्रों के साथ निकल गई.’