अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने सभी ग़ैरआपात दूतावास कर्मियों को इराक़ के बग़दाद में स्थित अपना दूतावास और एरबिल में वाणिज्य दूतावास छोड़ने को कहा है. इस बाबत बुधवार को आदेश जारी किया गया है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी ‘एएफपी’ से कहा, ‘इराक़ में बढ़ते खतरे को देखते हुए हमने ग़ैरआपात दूतावास कर्मियों को वापस बुलाने का निर्णय लिया है.’ अमेरिका ने हाल ही में प्रदर्शन प्रभावित दक्षिणी इराक़ी शहर बसरा में अपने वाणिज्य दूतावास को भी बंद कर दिया था. ख़बरों की मानें तो अमेरिका ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के मद्देनज़र ये कदम उठाए हैं. अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा परामर्श (ट्रेवल एडवायज़री) भी जारी किया है. इसमें कहा है, ‘कई आतंकी-विद्रोही समूह इराक़ में सक्रिय हैं. वे नियमित रूप से इराक़ी सुरक्षा बलों और नागरिकों पर हमले कर रहे हैं. ये लड़ाके इराक़ में अमेरिकी नागरिकों और पश्चिमी कंपनियों के लिए ख़तरा बन सकते हैं.’

ग़ौरतलब है कि अमेरिका ने राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में 2015 में ईरान के साथ अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते पर दस्तख़त किए थे. लेकिन मौज़ूदा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह समझौता तोड़ दिया. इसके बाद से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है. अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे हैं. साथ ही आरोप लगाया है कि ईरान अमेरिकी प्रतिष्ठानों पर हमले की योजना बना रहा है. इसी आधार पर उसने भी खाड़ी क्षेत्र में अपनी सेना की उपस्थिति बढ़ाने की कोशिशें तेज कर दी हैं.