कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष ग़ुलाम नबी आज़ाद ने बड़ा बयान दिया है. इसमें उन्होंने चुनाव बाद त्रिशंकु लाेक सभा की स्थिति में विपक्षी गठबंधन सरकार की संभावना मज़बूत करने के मक़सद से प्रधानमंत्री पद पर कांग्रेस का दावा छोड़ने का संकेत दिया है.

बिहार की राजधानी पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा, ‘हम पहले ही साफ़ कह चुके हैं. अगर ये सर्वसम्मति बनी कि कांग्रेस को ही संभावित गठबंधन सरकार का नेतृत्व करना चाहिए, तो हम यह ज़िम्मेदारी लेंगे. हम ऐसा कोई मुद्दा नहीं बनाना चाहते कि अगर हमें प्रधानमंत्री पद नहीं मिला तो किसी और को भी यह ज़िम्मेदारी नहीं संभालने देंगे. इस बारे में जो सबका फ़ैसला होगा हम उसका पूरा समर्थन करेंगे. इस बारे में हमारा मक़सद स्पष्ट है कि एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) काे सत्ता में नहीं आने देना है.’

ग़ौरतलब है कि एक दिन पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष को चुनौती दी थी कि अगर अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है तो प्रधानमंत्री पद के लिए अपने नेता का नाम घोषित करे. आज़ाद ने इसी पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.