भारतीय नौसेना के लड़ाकू पायलट विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान जिस मिग-21 बायसन स्क्वाड्रन का हिस्सा हैं उसे नया उपनाम मिला है. अब इस स्क्वाड्रन को ‘फाल्कन स्लेयर्स’ के नाम से भी जाना जाएगा. यानी वह बेड़ा जिसने फाल्कन विमान को मार गिराया. पाकिस्तान के पास जो एफ-16 विमान हैं, उन्हें फाल्कन कहा जाता है.

सूत्रों के हवाले से द इंडियन एक्सप्रेस में आई ख़बर के मुताबिक विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की स्क्वाड्रन के सदस्यों को दी गई वर्दी में एक नई डिज़ाइन की हुई पट्‌टी लगाई गई है. उसमें 27 फरवरी को हुई घटना के प्रतीक चिह्न के साथ ऊपर ‘एमराम डॉज़र्स’ और नीचे ‘फाल्कन स्लेयर्स’ लिखा है. बताया जाता है कि सुखोई विमानों की स्क्वाड्रन काे भी इसी तरह ‘एमराम डॉजर्स’ का उपनाम मिला है. सुखोई विमानों की इस स्क्वाड्रन के सदस्यों की वर्दी पर इस उपनाम के साथ नई डिज़ाइन की पटि्टयां लगाई गई हैं.

ख़बर की मानें तो ये पटि्टयां सौरव चोर्डिया नाम के एक युवा ने डिज़ाइन की है. मूल रूप से असम के रहने वाले और वर्तमान में दिल्ली में रह रहे चोर्डिया ने अख़बार से बातचीत में ख़ुद इसकी पुष्टि की है. वे इससे पहले 2015 एसयू-30 एमकेआई स्क्वाड्रन के लिए ऐसी ही पट्‌टी डिज़ाइन कर चुके हैं. उस समय वे कॉलेज में पढ़ रहे थे. उन्होंने हाल ही में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है.

विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की स्क्वाड्रन के सदस्यों के लिए डिज़ाइन की गई नई पट्‌टी. फोटो- इंडियन एक्सप्रेस से साभार
विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की स्क्वाड्रन के सदस्यों के लिए डिज़ाइन की गई नई पट्‌टी. फोटो- इंडियन एक्सप्रेस से साभार

ग़ौरतलब है कि इसी साल 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ (केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल) के काफ़िले पर आतंकी हमला हुआ था. इसमें 42 सीआरपीएफ जवानों की मौत हुई थी. हमले की ज़िम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी. इसी का ज़वाब देने के लिए भारत ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश के ठिकानों पर बम गिराए थे.

इसके ज़वाब में अगले दिन पाकिस्तान के विमानों ने भारतीय वायु सीमा में घुसकर भारत के सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी. उस वक़्त विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान ने अपने मिग-21 बायसन से पाकिस्तान के एक एफ-16 विमान को गिरा दिया था. जबकि सुखोई विमानों ने एफ-16 से दागी गई अमेरिकी एमराम मिसाइल को लक्ष्य से भटकाने में सफलता हासिल की थी.