ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस के बीच बयानबाजी का सिलसिला जारी है. इस मुद्दे को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा है, ‘विद्यासागर की मूर्ति बनवाने के लिए हमें उनके पैसों की जरूरत नहीं है. उनकी मूर्ति दोबारा बनवाने के लिए पश्चिम बंगाल के पास बहुत पैसा है.’ खबरों के मुताबिक ममता बनर्जी ने यह बात दक्षिण परगना के मथुरापुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कही.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘हमारे पास सबूत हैं कि वह मूर्ति भाजपा के लोगों ने तोड़ी थी. लेकिन भाजपा के लोग टीएमसी के कार्यकर्ताओं पर इसका आरोप लगा रहे हैं. भाजपा को झूठ बोलने में शर्म नहीं आती. अगर भाजपा हम पर यह आरोप लगा रही है तो उसे इसको साबित करना चाहिए, वरना हम इसके लिए उन्हें जेल ले जाएंगे.’ इसके साथ ही सवालिया लहजे में उन्होंने यह भी कहा, ‘भाजपा के लोगों ने बंगाल की 200 साल की विरासत को नुकसान पहुंचाया है. क्या वे लोग उस विरासत को लौटा सकते हैं.’

इससे पहले गुरुवार को ही प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के चंदौली में एक चुनावी सभा को संबोधित किया था. तब उन्होंने कहा था, ‘कोलकाता में अमित शाह के रोड शो के दौरान टीएमसी के गुंडों ने ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति को तोड़ दिया था. ऐसा करने वालों को कठोर सजा दी जानी चाहिए.’ नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा था, ‘विद्यासागर के विजन के लिए समर्पित भाजपा सरकार उसी जगह पर पंचधातु की एक भव्य मूर्ति की स्थापना करेगी.’ इस मौके पर उन्होंने विद्यासागर को एक महान समाज सुधारक बताते हुए कहा कि महिलाओं के उत्थान में उन्होंने अहम भूमिका निभाई है.

उधर, इसी मंगलवार को कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान कुछ लोगों ने उनके वाहन पर डंडे फेंके थे. उसके बाद भाजपा-टीएमसी कार्यकर्ताओं के बाद हिंसक झड़प के साथ आगजनी देखने को भी मिली थी. उसी दौरान कुछ लोगों ने ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति भी तोड़ दी थी. उस मूर्ति के तोड़े जाने को लेकर दोनों दलों में ठनी हुई है, साथ ही उसे तोड़ने को लेकर दोनों एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं.