ईरान ने यूरेनियम और भारी जल के उत्पादन को बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. गुरूवार को ईरान सरकार की ओर से यह जानकारी दी गयी है.

पीटीआई के मुताबिक ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रवक्ता बेहरूज कमालवांडी ने अर्धसरकारी समाचार एजेंसी आईएसएनए को बताया, ‘जिस दिन राष्ट्रपति हसन रूहानी ने परमाणु समझौते की कुछ प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करने का फैसला किया था, उसी दिन से यूरेनियम और भारी जल के उत्पादन की क्षमता बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई थी.’

बेहरूज कमालवांडी ने आगे कहा कि अमेरिका द्वारा परमाणु समझौते से हटने के बाद ईरान ने प्रतिक्रिया स्वरूप यह कदम उठाया है. उनके मुताबिक अब ईरान किसी भी तय सीमा से बंधा हुआ नहीं है.

बीते साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साल 2015 में हुए अंतरराष्ट्रीय ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने का फैसला किया था. इसके बाद से ही तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. बीते अप्रैल में अमेरिका ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए ईरानी सेना को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था. हाल में उसने ईरान के आसपास अपने बम बर्षक विमान तैनात करने का भी निर्णय ले लिया.

अमेरिका के इन फैसलों के बाद बीते हफ्ते ईरान ने परमाणु समझौते के तहत यूरेनियम और भारी जल के भंडारण पर लगे प्रतिबंध को न मानने की घोषणा कर दी. इस घोषणा के तहत अब ईरान 130 टन यूरेनियम और 300 किलोग्राम भारी जल के भंडारण की सीमा को नहीं मानेगा.