अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नई आव्रजन नीति जारी की है. यह मैरिट और प्वाइंट्स की व्यवस्था पर आधारित है. इसमें उच्च-कुशल विदेशी कामग़ारों का कोटा 12 से बढ़ाकर 57 फ़ीसदी किए जाने का प्रावधान है. साथ ही उन्हें ग्रीन कार्ड की जगह ‘बिल्ड अमेरिका’ वीज़ा जारी किए जाने का भी बंदोबस्त किया गया है.

ख़बरों के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि मौज़ूदा ग्राीन कार्डों को भी ‘बिल्ड अमेरिका’ वीज़ा से बदला जाएगा. ग़ाैरतलब है कि अमेरिका हर साल क़रीब 11 लाख ग्रीन कार्ड जारी करता है. इनके जरिए विदेशी नागरिकों को ज़िंदगी भर अमेरिका में रहकर काम करने की इजाज़त मिल जाती है. इससे अगले पांच साल में अगर वे चाहें तो उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिलने का रास्ता भी खुल जाता है.

हालांकि नई आव्रजन नीति जारी करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है, ‘हम चाहते हैं कि प्रवासी नागरिक अमेरिका आएं. उन्हें यहां रहकर काम करने की सुविधा मिले. वे अमेरिका के निर्माण में, उसे महान देश बनाने और बनाए रखने में अपना योगदान दें. लेकिन यह इंतज़ाम गुण और कौशल पर आधारित होना चाहिए. यही हम सुनिश्चित कर रहे हैं.’

ट्रंप ने कहा, ‘कनाडा और अन्य कई देशों की तरह हम विदेशी नागरिकों को ‘बिल्ड अमेरिका’ वीज़ा जारी करने के लिए प्वाइंट आधारित सरल व्यवस्था शुरू कर रहे हैं. युवा कामग़ार के तौर पर आपको ज़्यादा प्वाइंट मिलेंगे. इसका मतलब यह भी होगा कि आप हमारे सामाजिक ताने-बाने की सुरक्षा और बेहतरी के लिए ज़्यादा योगदान देंगे. अगर बेशकीमती कौशल के मालिक हैं तो आपको और ज़्यादा प्वाइंट मिलेंगे. ऐसे ही अगर आप यहां लोगों को रोज़ग़ार मुहैया कराते हैं, या रोज़ग़ार सृजन की कोई योजना लेकर आते हैं तो भी आपको अधिक प्वाइंट हासिल होंगे. अब तक ऐसी व्यवस्था न होने से कई कुशल कामग़ार अमेरिका छोड़कर अपने देश चले जाते थे. जबकि वे अमेरिका में अपनी कंपनी खोलना चाहते थे. लेकिन अब हम सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें यहीं अवसर मिले.’