प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी ही पार्टी की नेता प्रज्ञा ठाकुर के नाथूराम गोडसे पर दिए बयान पर नाराजगी जताई है. शुक्रवार को एक टेलीविजन चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘जो बयान आया है वह पूरी तरह निंदनीय है और अस्वीकार्य है. लोगों को भूलकर भी ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए.’ इसके साथ ही नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, ‘ठीक है बाद में उन्होंने माफी मांगी. लेकिन मैं उन्हें कभी मन से माफ नहीं कर पाऊंगा.’

प्रधानमंत्री के इस बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट भी किया है. इसमें लिखा गया है, ‘गांधी जी या गोडसे के बारे में जो बयान दिए गए हैं वो बहुत खराब हैं और समाज के लिए बहुत गलत हैं.’

इधर, शुक्रवार को ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी प्रज्ञा ठाकुर के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी. साथ ही प्रज्ञा ठाकुर और उनके बयान का समर्थन में आए अनंतकुमार हेगड़े और नलिन कटील के बयानों को उनका निजी विचार बताया. साथ ही यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन और भाजपा की गरिमा एवं विचारधारा के विपरीत इन तीनों नेताओं के बयानों को पार्टी ने अनुशासन समिति के पास भेजने का फैसला किया है.

इससे पहले इसी गुरुवार को एक पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रज्ञा ठाकुर ने महात्मा गांधी (बापू) की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया था. हालांकि भाजपा की तरफ से उनके उस बयान से किनारा किए जाने के बाद उन्होंने उस पर माफी मांगी थी. साथ ही यह भी कहा था कि गोडसे को लेकर उनका भी वही विचार है जो उनकी पार्टी रखती है.

उधर, गोडसे को लेकर विवादित बयानों का यह सिलसिला बीते रविवार को कमल हासन के एक बयान से शुरू हुआ था. तब तमिलनाडु में एक चुनावी सभा संबोधित करने के दौरान उन्होंने कहा था कि भारत का पहला आतंकवादी हिंदू था और उसका नाम नाथूराम गोडसे था.