प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने आज दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह थी कि साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद यह नरेंद्र मोदी की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस भी थी. हालांकि इस मौके पर उन्होंने पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब नहीं दिए. इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के अध्यक्ष मौजूद हैं तो उन्हें कुछ कहने की जरूरत नहीं है.

हालांकि कॉन्फ्रेंस में सवाल-जवाब का सिलसिला शुरू होने से पहले नरेंद्र मोदी ने अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि लंबे समय के बाद देश में फिर से ऐसा होने जा रहा है जब लगातार दूसरी बार केंद्र में पूर्ण बहुमत वाली सरकार का गठन होगा. साथ ही लोकसभा के इस चुनाव में भाजपा को पिछले चुनाव के मुकाबले बढ़-चढ़कर जनता का आशीर्वाद भी मिलेगा. उन्होंने आगे कहा देश के विकास के लिए एक सक्षम और मजबूत सरकार की जरूर है. अगर सरकार सक्षम होती है तो रमजान, परीक्षाएं, क्रिकेट आईपीएल, रामनवमी, नवरात्र के साथ चुनाव का आयोजन भी हो जाता है. इसके साथ ही उन्होंने इसे सरकार के बजाय देश का सामर्थ्य भी बताया.

वहीं अमित शाह ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि केंद्र में दोबारा भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार बनेगी. साथ ही नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के तौर पर दूसरा कार्यकाल मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि जो दल एनडीए के साथ सम्मान से मिलना चाहेंगे उनका स्वागत किया जाएगा. अमित शाह ने आगे कहा कि मोदी ने दुनिया भर में देश का मान बढ़ाया है. उनके कार्यकाल के दौरान हर क्षेत्र में विकास हुआ है. साथ ही लोकसभा के इस चुनाव में महंगाई और भ्रष्टाचार जैसी बातें मुद्दों के तौर पर देखने को नहीं मिली हैं.

इस दौरान साध्वी प्रज्ञा के बयान को लेकर पूछे सवाल के जवाब में अमित शाह ने कहा कि उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करके दस दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है. इसके अलावा इस मामले में दो अन्य नेताओं से भी उनका पक्ष मांगा गया है. जवाब आने पर अनुशासन समिति आगे की कार्रवाई करेगी. एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने भगवा आतंकवाद की बातों को काल्पनिक बताते हुए कांग्रेस पर हिंदू संस्कृति का अपमान करने के आरोप लगाए.

इसके अलावा रफाल सौदे पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के पास इस सौदे में भ्रष्टाचार के सबूत हैं तो उन्हें वह सबूत सुप्रीम कोर्ट को देने चाहिए थे. इस दौरान उनका यह भी कहना था कि संसद में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस पर विस्तार से हर सवाल का जवाब दिया था. इस मौके पर अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में उनके रोड शो के दौरान हुई हिंसा का मामला भी उठाया. उन्होंने कहा कि बीते डेढ़ साल के दौरान पश्चिम बंगाल में भाजपा के 80 कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है. इसके साथ सवालिया लहजे में उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान पूरे देश को छोड़कर क्यों सिर्फ बंगाल में ही हिंसा हुई और मीडिया को भी यह मुद्दा उठाना चाहिए.